ललितपुर। गर्भवती महिलाओं की मृत्यु को रोकने के लिए प्रत्येक माह की 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता हैं। यह दिवस, जनपद के नगरीय एवं ब्लॉक के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मनाया जाता है। इस दिवस पर सभी गर्भवती महिलाओं की गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह इत्यादि की संपूर्ण जाँच की जाती है, जिसके द्वारा यह पता लगाया जा सके कि कहीं कोई गर्भवती महिला उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में तो नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ही पिछले वर्ष 2017-18 में 24,926 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया था, जिनमें से 2,579 गर्भवती महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में रखा गया था। वहीं वर्तमान वर्ष 2018-19 में सितंबर तक 17,088 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से 1,353 गर्भवती महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में रखा गया है। नोडल अधिकारी डा.डी.सी.दोहरे ने बताया कि प्रत्येक माह की 9 तारीख को मनाया जाने वाला यह दिवस दीपावली के अवकाश के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश से सोमवार यानि 12 नवंबर को मनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को तीन आधार पर पहचाना जाता है। पहला पूर्व में प्रसव की जाँचों के रिकॉर्ड के आधार पर, दूसरा गर्भावस्था में जटिलताओं गंभीर परिस्थितियों के आधार पर और तीसरा चिकित्सीय स्थिति जैसे ब्लडप्रेशर, लीवर आदि से संबन्धित बीमारियों के आधार पर पहचान की जाती है। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका निदान करना एवं समय पर उचित सन्दर्भ से माता और शिशु दोनों की असामयिक मृत्यु को कम करना हैं। महिलाओं एवं समुदाय को गर्भावस्था में होने वाली समस्याओं के बारे में जागरूकता के लेकर उन्होने कहा कि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में आशाओं को यह कार्य सौंपा गया है कि वह अपने-अपने क्षेत्र की एएनसी महिलाओं का पता कर उनकी काउन्सलिन्ग करें और साथ ही घर के सदस्यों और गाँव वालों के भ्रांतियों को दूर कर जागरूक करने का कार्य भी करती हैं। इसके साथ ही वीएचएनडी और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर सभी एएनसी ्रहृष्ट महिलाओं की ठीक तरीके से जांच की जा रही है और गर्भावस्था में खून की कमी से ग्रसित महिलाओं को आयरन की गोली खाने की सलाह के साथ साथ परामर्श भी किया जा रहा है।