Ntv दीपक तिवारी
नई दिल्ली : पिछले 60 सालों से देश की क्या गत बना दी गयी थी, ये देखकर आपकी आँखें फटी रह जाएंगी. राजनीति के चलते देश के कोने-कोने पर उग्रवादियों को पाला गया, अवैध घुसपैठियों को बसाया गया. मोदी सरकार में अब सारे काले कारनामों की पोल खुल रही है. नक्सलियों के खिलाफ मिशन चला रहे सुरक्षाबलों ने झारखंड में चतरा जिले के बेरियाचक गांव में कुछ ठिकानों पर छापा मारा. वहां झोपड़ियों में उन्होंने जो देखा, उसे देख उनके भी पैरों तले जमीन खिसक गयी.
नक्सलियों के पास मिले अमेरिकी हथियार
झारखंड में चतरा जिले के बेरियाचक गांव में एक झोपडी में छापे के दौरान उग्रवादियों के ऐसे अत्याधुनिक हथियार मिले, जिसे देखकर पुलिस के होश उड़ गए. बताया जा रहा है कि पुलिस को उग्रवादियों के ठिकाने से 5.56 एम- 4 कोल्ट राइफल मिली है. यह राइफल कोई मामूली हथियार नहीं, बल्कि बेहद अत्याधुनिक है और इसका इस्तेमाल फिलहाल अमेरिकी सेना करती है.
इस बारे में एएसपी अभियान अश्विनी मिश्रा ने बताया कि उग्रवादी संगठन के मुखिया बृजेश गंजू के छिपे होने की खबर पर बेरियाचक गांव में रेड मारी गई. लेकिन मौके से वह फरार हो गया. पुलिस को मौके से एके- 56 राइफल और 5.56 एम 4 कोल्ट राइफल मिली.
बेहद खतरनाक हथियारों से लैस नक्सली
दुनिया की सबसे खतरनाक हथियारों में गिनी जाने वाली एम- 4 कोल्ट राइफल कुछ दिन पहले ही कश्मीर में मारे गए जैश ए मोहम्मद के आतंकी तलाहा रशीद के पास भी मिली थी. सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात से हैरान है कि आखिर इतने खतरनाक हथियार आतंकी और नक्सलियों के पास आ कहां से रहे हैं.
बताया जाता है कि 5.56 एम फोर राइफल ऑटोमेटिक मोड में एक बार में 3 सेकंड में 30 गोली फायर करती है. यानी एक मिनट में 600 गोली फायर करती है. इसे करीबी लड़ाई के लिए यह दुनिया का खतरनाक हथियार माना जाता है. इसकी ताकत का अंदाजा आप किसी बात से लगा सकते हैं कि 1800 मीटर की दूरी से भी गोली मारने पर यह शरीर के आरपार छेद कर निकल सकती है.
60 सालों तक कांग्रेस ने पाला उग्रवादियों को
पुलिस के मुताबिक, झारखंड में अब तक इतने खतरनाक हथियार नहीं मिले हैं. पीएलएफआई, एमसीसी, टीएसपीसी, जेजेएमपी जैसे सक्रिय नक्सली और उग्रवादी गुट के पास अब तक कारबाइन, एके-47, इंसास और एसएलआर जैसे हथियार ही मिले हैं. अमेरिकी हथियार उग्रवादियों के पास कैसे इसकी जांच की जा रही है.
बहरहाल अब मोदी सरकार नक्सलियों के खिलाफ सख्त है और उनका जड़-मूल से विनाश करने के आदेश दिए हुए हैं. जिसके बाद नक्सलियों के नेटवर्क लगातार ध्वस्त होते जा रहे हैं. कांग्रेस द्वारा 60 सालों में खोदे गए गड्ढे भरे जा रहे हैं. अनुमान के मुताबिक़ 2019 तक नक्सलियों का नामो-निशान तक मिट चुका होगा.