यूपी के कानपुर शहर के बच्चों में पहली बार हैंड फुट माउथ डिसीज (एचएफएमडी) होने की पुष्टि हुई है। दो स्कूलों के आठ बच्चों में यह बीमारी मिली है। इन सभी के हाथों, पैरों, मुंह में छाले पड़ गए हैं। बच्चों खासकर पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होने वाली बीमारी संक्रमित बच्चे के छींकने से हवा में वायरस पहुंचने या छाले का पानी लगने से दूसरे बच्चों को होती है। पहले यह बीमारी जानवरों में खुरपका के नाम से जानी जाती थी। 10 साल पहले पूना में यह बीमारी फैलने पर सभी स्कूल कुछ समय के लिए बंद कर दिए गए थे।
बुधवार को हैलट ओपीडी के बाल रोग विभाग में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करने वाले मेडिकल कालेज के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राज तिलक ने बताया कि स्वरूप नगर स्थित एक निजी स्कूल की एक ही कक्षा के पांच बच्चे उनसे इलाज कराने आए। कौशलपुरी नगर स्थित एक निजी स्कूल के एक ही कक्षा के तीन बच्चे भी उनसे इलाज करा रहे हैं। एचएफएमडी बीमारी फैलाने वाला ‘कॉकसेकी’ वायरस मुंह के अंदर तालू, होठों, जीभ में छाले और हाथों, पैरों, हिप्स में चकत्ते पैदा करता है।
घाव होने पर ये अल्सर में तब्दील हो जाते हैं। छालों में खुजली नहीं होती है। इस बीमारी में खाना निगलने में बहुत दर्द होता है। इसका वायरस हवा के माध्यम से सामान्य लोगों को चपेट में ले लेता है, जिसकी वजह से यह बीमारी आसानी से फैलती है। डॉक्टर से स्वास्थ्य परीक्षण कराना जरूरी है।