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क्या कमलनाथ न्याय कर पाएंगे ?
मध्यप्रदेश के इंदौर की पुलिस आज पीठ थपथपाने  के काबिल हो गई है । यह वो पुलिस है जिसके पिछले सवा 2 साल की कृत्यों के बारे में विचार करते हुए घिन आ रही है । इसी के साथ ही मध्य प्रदेश से हाल ही में रुखसत हुए संवेदनशील मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की असंवेदनशीलता सवाल पर सवाल खड़े कर रही है । ये वही मुख्यमंत्री हैं जो पेटलावद विस्फोट के बाद सड़क पर धरना देने बैठ गए थे । ये वही मुख्यमंत्री हैं जो प्रदेश की साढ़े तीन करोड़ महिलाओं को बहन और बेटी कहते हुए नहीं थकते थे । ये वही मुख्यमंत्री हैं जो भोपाल में एक बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद दोषियों को फांसी की वकालत कर रहे थे । ये वही मुख्यमंत्री हैं जो अपनी ही आबकारी नीति के बाद रात भर नहीं सो सके थे । शिवराज की संवेदनशीलता का एक और उदाहरण है जो उन्हें अपने ही एक मंत्री विजय शाह द्वारा उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह पर किए गए एक मजाक के बाद द्रवित कर गया था । शिवराज ने विजय शाह को तत्काल मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा दिया । बड़ी मिन्नतें और चिरौरी के बाद विजय शाह को मंत्रिमंडल में वापस लिया गया ।
आखिर शिवराज की संवेदनशीलता और असंवेदनशीलता की चर्चा क्यों ? हाल ही में इंदौर पुलिस ने सवा 2 साल पुराने एक हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है । 16 अक्टूबर 2016 से लापता ट्विंकल डोंगरे की हत्या “दृश्यम फिल्म” को देखकर भारतीय जनता पार्टी के नेता कल्लू करोतिया दिया और उसके बेटों ने की थी । ट्विंकल के लापता होने के बाद ट्विंकल के माता पिता और बहन ने करोतिया परिवार के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करवाई थी । इस मामले को लेकर पूरी भाजपा करोतिया परिवार को बचाने में जुट गई । इस दौरान ट्विंकल के परिजनों ने भाजपा के आला नेताओं से लेकर शासन-प्रशासन और कोर्ट में कई स्तरों पर गुहार लगाई । कोर्ट के अलावा ट्विंकल के परिवारजनों की कहीं भी सुनवाई नहीं हुई । राजनीतिक दवाब में कोर्ट के निर्देशों को भी अनसुना कर दिया गया । राजनीतिक दवाब में पुलिस जांच को भरपूर तरीके से प्रभावित किया गया । यहां यह विचारणीय प्रश्न है कि क्या ट्विंकल के हत्यारों के पकड़ में आने से ट्विंकल को और उसके परिजनों को न्याय मिल गया ? न्याय में देरी अन्याय है और इस अन्याय के लिए जो भी लोग इसे प्रभावित करने का कारण बने वे भी दोषी हैं । चाहे वह पुलिस का कर्मचारी हो अधिकारी हो या राजनेता हो । आखिर उच्च स्तर पर शिकायतें किए जाने के बाद जांच के निष्कर्ष क्यों नहीं आए ?  क्या मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उतने ही दोषी नहीं है जितना टिंवकल के हत्यारे ?  करोतिया परिवार ने तो सिर्फ ट्विंकल की हत्या की थी  लेकिन शिवराज तो इस पूरी व्यवस्था का कत्ल कर बैठे । क्या दोषियों के खिलाफ मुख्यमंत्री कमलनाथ कार्यवाही करने का साहस दिखा पाएंगे ?