रेवाड़ी (आकाश सोनी) : दस माह हो गए एक बुजुर्ग को बीपीएल प्लॉटों की हुई जांच रिपोर्ट को हासिल करने के लिए चक्कर लगाते हुए, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि प्रशासन खुद के द्वारा की गई जांच रिपोर्ट को भी देने को तैयार नहीं है। मामला जिले के गांव बलवाड़ी के रहने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार गुलजारी लाल का है, जो एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन परिणाम आज भी शून्य ही है।

बलवाड़ी गांव में वर्ष 2009 में बीपीएल श्रेणी के प्लॉटों का वितरण किया गया था। 162 प्लाट बीपीएल श्रेणी के दिए गए। गांव के ही रहने वाले गुलजारी लाल ने उसी समय प्लॉट वितरण में गड़बड़ी की शिकायत दी थी। उनकी तमाम शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सूचना के अधिकार के तहत गुलजारी लाल ने बीपीएल प्लॉट धारकों की जानकारी मांगी तो उन्हें आधी-अधूरी जानकारी ही मुहैया कराई गई। थक हारकर उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त के पास अपील की थी। जुलाई 2016 में राज्य सूचना आयुक्त सुखबीर गुलिया ने आदेश जारी करते हुए तत्कालीन नगराधीश बिजेंद्र ¨सह को मामले की जांच गहनता से करने के आदेश जारी किए और गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश दिए थे। नगराधीश बिजेंद्र ¨सह ने 21 अप्रैल 2017 को अपनी जांच पूरी कर ली थी। गुलजारी लाल ने मामले की जांच रिपोर्ट हासिल करने के लिए 2 जून 2017 को आरटीआइ नगराधीश के पास लगाई। जून 2017 से लेकर आज तक उनकी आरटीआइ का जवाब नहीं दिया गया है। अब डीसी के पास लगाई गुहारगुलजारी लाल ने अब उपायुक्त पंकज के पास शिकायत दी है। शिकायत में कहा गया है कि प्रशासन अपनी ही जांच रिपोर्ट को देने से बच रहा है। इससे सूचना के अधिकार पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। उन्होंने जांच रिपोर्ट मुहैया कराने की मांग की है।

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