शाजापुर(निर्मल)
गर्मी बढ़ने के साथ ही सड़े-गले फलों के ज्यूस सहित दूषित खाद्य सामग्री की बिक्री का खतरा बढ़ गया है। बावजूद इसके धडल्ले से बिना ढंकी खाद्य सामग्री बिक रही है। इसका लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा होने के चलते खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा विशेष रूप से निरीक्षण व सैंपलिंग अभियान चलाकर फोकस किया जाना आवश्यक है।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का जिम्मा गर्मियों में ज्यादा बढ़ जाता है। गर्मी के दिनों में खान-पान के प्रति थोड़ी सी लापरवाही भी बीमारियों को न्योता देती है। बिना ढंकी व खुले में रखी खाद्य सामग्रियों के सेवन से कई तरह की बीमारियां होती हैं, लेकिन जिले में अनेक स्थानों पर खुले में खाद्य सामग्री बेची जा रही है। जिला मुख्यालय की दुकानों का ही नजारा देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है। इधर बाजार में इन दिनों अनेक खाद्य वस्तुएं ऐसी भी बिक रही हैं, जिन पर न एक्सपायरी डेट और न ही मेन्यूफैक्चरिंग डेट डली होती है। इस ओर न तो जिम्मेदारों का ध्यान है और न ही आम जनता का।कई व्यवसायियों ने नहीं कराए रजिस्ट्रेशन खाद्य एवं पेय पदार्थो संबंधित जिले में बड़ी संख्या में दुकानें हैं। करीब 4 हजार व्यवसायियों ने लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की भी है, लेकिन अभी भी कई व्यवसायी ऐसे हैं जिन्होंने यह प्रक्रिया नहीं की है। जबकि खाने-पीने की सामग्री से जुड़े व्यवसायियों से संबंधित जानकारी व मॉनीटरिंग के लिए यह आवश्यक है। यदि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत ऐसा नहीं पाया जाता है तो सजा व जुर्माने दोनों का प्रवधान है। लाइसेंस नहीं पाए जाने पर 6 माह तक की सजा और एक लाख रुपए तक का जुर्माना और रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर अधिकतम 25 हजार रुपए का जुर्माने का प्रावधान है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सैंपलिंग निरीक्षण के दौरान लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन की भी जांच पर ध्यान दिया जा रहा है।
केमिकल के उपयोग होने की आशंका ज्यादा शहर में रविवार को साप्ताहिक हाट बाजार लगता है। इस दिन अनेक गांवों के ग्रामीण व शहरी लोग हाट-बाजार में पहुंचते हैं। यहां पर मिठाइयों में केमिकल रंगों के इस्तेमाल होने की आशंका ज्यादा रहती है। शहर में शासकीय अवकाश रविवार को हाट बाजार लगता है ऐसे में इस तरह की सामग्री का उपयोग करने वाले व्यवसायियों को जांच व निरीक्षण होने की चिंता नहीं रहती है, इसलिए साप्ताहिक हाट के दिन भी जांच करना जरूरी है।
 गर्मी के दिनों में खाने-पीने की सभी तरह की सामग्रियों की गुणवत्ता को लेकर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। ज्यूस आदि की बात है इसमें कई बार केमिकलो का उपयोग की आशंका रहती है। जबकि गर्मी में इनकी मांग बढ़ जाती है। इसलिए हमारा विशेष फोकस फिलहाल इन्हीं सामग्री पर है। गर्मी के सीजन में ज्यूस, कोल्ड्रिंक्स, फल, बोतल बंद पानी आदि ध्यान दिया जा रहा है।
                आर.के.कांबले   खाद्य सुरक्षा अधिकारी शाजापुर

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