महाराष्ट्र (चंदू शर्मा)
चारा मशीन में डालकर तीन युवकों की हत्या में छह को सजा-ए-मौत की सजा ।
तीन दलित युवकों की हॉरर किलिंग से जुड़े मामले में एक सेशंस कोर्ट ने छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। 2013 के सोनई हत्याकांड में महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में तीन दलित युवकों को क्रूरता से चारा मशीन में डालकर मार दिया गया था और उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें सेप्टिक टैंक में डाल दिया गया था।
अहमदनगर के सोनई गांव में एक जनवरी, 2013 को हुए हत्याकांड में अदालत ने सात में से छह आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी पाया है। इन्होंने तीन युवकों सचिन घारू (24), संदीप थनवर (25) और राहुल कंदारे (20) की निर्मम हत्या की थी। यह मामला हॉरर किलिंग से जुड़ा था और युवकों की हत्या घास काटने की मशीन से काटकर की गई थी। इसके बाद उनके शवों को भी छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था।
मंजूर नहीं थी शादी
मेहतर समाज का सचिन घारू एक कॉलेज में चपरासी था और यहीं से बीएड की पढ़ाई कर रही एक लड़की से प्यार करने लगा, दोनों शादी भी करने वाले थे। लड़की के ऊंची जाति का होने के चलते लड़की के परिवारवाले इस बात से बेहद नाराज थे और उन्हें यह शादी मंजूर नहीं थी। आरोप है कि इसी वजह से लड़की के पिता, भाई और दो चाचाओं ने सचिन और उसके दोस्तों संदीप और राहुल को बुलाया और दो अन्य साथियों की मदद से चारा काटने की मशीन में डालकर हत्या कर दी।

लड़की के भाई ने खुद तीनों की मौत की सूचना पुलिस को दी थी और कहा था कि तीनों की चारा मशीन में फंसकर मौत हो गई है। पुलिस ने भी दुर्घटना की बात स्वीकारते हुए मामला रफा-दफा कर दिया था। दबाव पड़ने पर पुलिस ने बाद में छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तारी की थी।

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