अम्बाला(हरियाणा ब्यूरो)सुरज प्रकाश की रिपोर्ट
 मंत्री जी के गुर्गों की गुंडागर्दी के स्वयं शिकार हुए भाजपा के कार्यकर्ता नेता ना दे आेरो को नसीहत_ओंकार नाथ परुथी
अम्बाला छावनी=ओंकार नाथ परुथी, नाथी महासचिव ,हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (कष्ट निवारण सेल  )पूर्व पार्षद,गगन डांग,सुरेश त्रेहन,द्वारा नैतिकता के आधार पर स्वास्थ्य व खेल मंत्री अनिल विज से इस्तीफे की मांग करी। साथ ही उन्होंने कहा कि मंत्री जी के गुर्गों की गुंडागर्दी के स्वयं शिकार हुए भाजपा के कार्यकर्ता,नेता ना दे आेरो को नसीहत    इस्तीफे की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा फायरिंग मामले में एक तरफा कार्यवाही ने यह बात सिद्ध कर दी है कि कहीं न कहीं दूसरे पक्ष को माननीय मंत्री जी द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा एक व्यक्ति जिसके पैर में गोली लगी थी उसको पूरा दिन पुलिस इधर से उधर घुमाती रही जब अंत में पुलिस अधिकारियों को पता चला कि इसके पैर में गोली लगी है तो पुलिस उसको सिविल हॉस्पिटल छोड़ कर चली गई।मंत्री जी के दबाव में पुलिस अधिकारियों ने ये भी जानना उचित नही समझा कि कोई व्यक्ति स्वयं अपने पैर में गोली नहीं चलाता किसी दूसरे व्यक्ति ने ही उसके पैर में गोली मारी होगी।उन्होंने कहा कि माननीय मंत्री जी के प्रयासों से अंबाला छावनी तीव्र गति से आपराधिक जगत की और अग्रसर हो रहा है।आज अम्बाला छावनी में रोज चोरियां हो रही है,रोज चैन स्नेचिंग हो रही है अम्बाला छावनी के हर चौक पर अवैध कारोबार के धंधे खुले हुए है।साथ ही उन्होंने कहा कि ये गोलीबारी भी अवैध रूप से चल रहे धंधों को लेकर हुई थी। अम्बाला छावनी की जनता भली प्रकार जानती है कि अंबाला छावनी को क्राइम सिटी  कौन बना रहा है। अंबाला छावनी में अवैध काम करने वालों को मंत्री जी व उनके गुर्गों द्वारा पूरा सरंक्षण भी दिया जा रहा है। यह कारण है कि पुलिस को अवैध हथियारों से हुई गोलीबारी में एक तरफा कार्यवाही करनी पड़ी दूसरे पक्ष को पुलिस ने सुनना भी उचित नही समझा उनको मात्र दिखावे के लिए पुलिस द्वारा डीडीआर पकड़ा दी गई।और तो और पुलिस ने मंत्री जी के दबाव में बिना जांच किए उन लोगो के नाम भी एफआईआर में डाल दिए जो लोग मौके पर थे ही नहीं जबकि उनके परिजन पुलिस को 3 घंटे की सीसीटीवी फुटेज भी देने को तैयार है कि उनके बच्चे मौके पर नहीं थे परन्तु पुलिस द्वारा मंत्री जी के अवैध कारोबारियों को संरक्षण देना जरूरी है।चाहे शहर में कुछ भी होता रहे।
अंबाला छावनी की जनता भली-भांति जान चुकी है। की मंत्री ज द्वारा किसको संरक्षण दिया जा रहा है।अन्य जिलों में जाकर एफआईआर दर्ज न होने पर पुलिस अधिकािरयों को सस्पेंड कर देने वाले मंत्री जी आज इतने बड़े अवैध हथियारों से हुई गोलीबारी पर चुप क्यो है।अंबाला छावनी की जागरूक जनता ये जानना चाहती है।कांग्रेसी नेत्री चित्रा सरवारा द्वारा अंबाला छावनी की तुलना चंबल से करने पर उन्होंने कहा अम्बाला छावनी के हालात आज सच में चम्बल जैसे हो गए है अवैध हथियारों से गोली बारी होना, लाठिया, डंडे,तलवारों का सरेआम चलना पुलिस को मुर्गीखानो  में छुपकर जान बचाना ये चम्बल नहीं तो और क्या है ।भाजपा के राज में अम्बाला छावनी की जनता सुरक्षित नहीं है। क्योंकि मंत्री जी अपनी हेकड़ी दिखाने के लिए एक थाना अध्यक्ष के स्तर के पुलिस अधिकारी को सरेआम अपने अपराधिक समर्थको से माफ़ी मंगवाते है।
साथ ही अंबाला छावनी में हो रहे विकास कार्यों पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज अम्बाला छावनी का सिविल हॉस्पिटल मात्र एक सफेद हाथी है।लाखो रुपए से बना सिविल हॉस्पिटल एक एमआरआई मशीन का वजन नहीं ढो सकता।कुछ समय पहले बने हस्पताल में 3 बार फाल सीलिंग गिर चुकी है।बेसमेंट में पानी भरा हुआ है।  हस्पताल में रोजाना चोरियां हो रही है कभी इलाज कराने आने वाले मरीजों के पर्स गायब हो जाते है तो कभी हॉस्पिटल की ही बाथरूम की टूनटिया या कोई अन्य सामान चोरी हो जाता है। आज अंबाला छावनी का सुभाष पार्क भी पिछले 4 सालो में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

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