लखनऊ से स्टेट हेड एन टी वी टाइम भानू मिश्रा उत्तर प्रदेश की गुजरात के उत्तर भारतीयो को उत्पीडन तथा पलायन की खबर पर विशेष प्रस्तुति-
*तवायफ़ को हिक़ारत की नज़र से देख मत” भानू”!!
 *सियासत की ग़ली में इससे गंदे काम होते हैं*!!
*गुजरात से उत्तर भारतीयों का पलायन साजिश की कड़ी तो नहीं…?
*सत्ता के गलियारों में जहां तमाम प्रकार के दांव पेच चलते रहते हैं *
और यहां तक की भगवान श्री राम के राजतिलक की तैयारी की बातें कुछ लोगों को इतनी बुरी लगी
*कि सुबह होते होते उनको बनवास रवाना कर दिया गया .*
भाजपा का दामन जहां तमाम बार दागदार रहा है और वर्तमान सरकार की नाकामयाबिओं का ढिंढोरा एंटी पार्टियों से लेकर के जागरूक लोगों ने
अपने स्तर पर किया .
और लोगों को बताया. *महंगाई भ्रष्टाचार सीमा विवाद आतंकवाद जीएसटी नोटबंदी बेरोजगारी और तरह-तरह के बैंकों के घोटाले*
को लेकर के भाजपा सरकार सवालों के घेरे में रही है.
 *वहीं गुजरात में उत्तर प्रदेश और बिहार के कामगारों  का पलायन करना*
 और रोते मार खाते वायरल वीडियोज़ एक कहानी कह रहे हैं.
  *गुजरात के मुख्यमंत्री उत्तर भारतीयों को सुरक्षा और संरक्षा नहीं दिलवा पा रहे हैं.*!
 लोग वहां से पलायन करने को  मजबूर हैं .
ऐसे ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं .
*जिनमें इंसानों को नंगा करके बेल्ट से उनकी निरंकुश पिटाई की जा रही है*
 उनकी जली कटी  हुई चमड़ी .
और उनका करुण क्रंदन. *भाजपा सरकार के लिए प्रदेश और केंद्र स्तर पर जहर घोल रहा है*
मगर एक बात तो साफ तरीके से समझी जा सकती है..
 *कोई भी सरकार अपने  कार्यकाल में अपनें राज्य को इस तरीके से बदनाम होते नहीं देख सकती .*
यहां गुजरात सरकार को कदम कदम पर मीडिया
 और आम आदमी को यहां तक कि अपने वरिष्ठ जनों को जवाब देना भारी पड़ रहा है.
*2019 के मद्देनजर जहां चुनावी समर सामने खड़ा हो यह करुण क्रंदन भी उसी बिगुल का एक हिस्सा है*
 कहीं ना कहीं भाजपा और उससे विरोध रखने वाले लोग तो नहीं?
 *यह विरोधी पार्टियों की सोची समझी रणनीति और साजिश है जो गुजरात सरकार को बदनाम कर रही है*
 सच तो यह है कि
दौरान इलेक्शन कोई भी पार्टी अपने माथे पर ऐसा कलंक लेना नहीं पसंद करेगी.
 जबकि विपक्षी दलों को इस तरह के वीडियो और बेरहमी के रवैए वाली खबरों से
 एक लंबा और ऊंचा लाभ पहुंच सकता है.
 फिलहाल सरकार का फर्ज बनता है कि
 *ऐसे देशद्रोही ताकतों को ढूंढ कर बाहर निकाले और उन्हें आवाम के सामने रखें इससे जहां सरकार की छवि  साफ़ होगी .*
वहीं विरोधी दलों के मुंह पर एक तमाचा भी लगेगा…!
 *फिलहाल यह संपूर्ण प्रकरण एक प्रबल जांच की भयंकर जरूरत महसूस करता है।

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