गोरखपुर (जेएनएन)। बस्ती की हर्रैया पुलिस और क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम ने एक संयुक्त आपरेशन में हर्रैया में पुराने मनोरमा नदी के पुल के पास एक युवक को गिरफ्तार कर उसके पास से 134200 रुपये जाली नोट बरामद किया है। पकड़े गए आरोपित की पहचान रियाज खां पुत्र इबरार खां निवासी करामतपुरवा अचरौरा, थाना रिसिया जिला बहराइच के रूप में की गई है। उसकी निशानदेही पर हर्रैया थाना क्षेत्र के रजौली गांव निवासी अजय कुमार ओझा उर्फ राका के ढाबे से जाली नोट छापने वाला मानीटर, सीपीयू, ¨प्रटर, स्कैनर व एक चाकू भी बरामद किया गया। उक्त सभी सामान बोरे में रखा हुआ मिला।
बरामद जाली नोटों में 500 के 250 और 200 के 46 नोट शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार ने बताया कि कुछ दिनों से जिले में नकली नोटों के प्रचलन की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसे में उन्होने क्राइम ब्रांच स्वाट टीम प्रभारी विक्रम ¨सह को इस गिरोह का पर्दाफाश कर मामले में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। बुधवार की रात गश्त पर निकले स्वाट टीम प्रभारी को सूचना मिली कि हर्रैया में मनोरमा नदी पर स्थित पुराने पुल के पास जाली नोट छापने वाला एक आरोपित मौजूद है। उन्होने हर्रैया थाना के वरिष्ठ उपनिरीक्षक कन्हैया लाल मौर्य को मामले की जानकारी दी। स्वाट टीम और हर्रैया पुलिस की टीम मौके पर देर रात पहुंची तो वहां एक संदिग्ध युवक दिखाई पड़ा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 134200 रुपये के जाली नोट बरामद हुए। एसपी ने बताया कि इन नोटों में एक तरफ गांधी जी का चित्र नहीं था, उसके स्थान पर स्वास्तिक जैसा चिह्न बना है।
लखीमपुर का व्यक्ति नकली के बदले देता था असली नोट
आरोपित रियाज ने कबूल किया कि बहराइच निवासी विजय नामक एक व्यक्ति ने उसे स्कैनर से असली नोट स्कैन कर ¨प्रटर के जरिए नकली नोट बनाने के लिए उकसाया। वह लालच में आ गया और असली नोट को अपने साइबर कैफे पर लोगों की नजरों से बचकर स्कैन कर ¨प्रटर के जरिए नकली नोट तैयार करने लगा। अभियुक्त ने बताया कि उसे एक लाख रुपये के नकली नोट के बदले 50000 असली नोट मिलते थे। असली नोट उसे लखीमपुर का एक आदमी दे जाता था, वही उससे नकली नोट भी ले जाता था। मामले में पुलिस ने रियाज के विरुद्ध गंभीर धाराओं में हर्रेया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी दिलीप कुमार ने बताया कि नकली नोट के कारोबार की तह तक पुलिस टीम पहुंचने में लगी है। इस धंधे में कौन कौन लोग शामिल हैं, उनकी पहचान कर उन्हे भी गिरफ्तार किया जाएगा। बताया कि जिस ढाबे से जाली नोट छापने वाला मानीटर, सीपीयू, प्रिंटर, स्कैनर आदि मिला है उसके बारे में पूछताछ करने पर आरोपित ने बताया कि उसने बोरे में सभी सामान रखकर उसे वहां रखा था और ढाबे के लोगों से उसे देखते रहने की बात कहकर दूसरे दिन ले जाने की बात कही थी। एसपी की मानें तो यह पूरा सेटअप लेकर कहीं नकली नोट की प्रि¨टग के लिए जा रहा था। उसके पास 134200 जाली नोट पहले से ही थे।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
आरोपित को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में स्वाट टीम प्रभारी और हर्रैया के एसएसआइ के अलावा एसआइ रमेश चंद्र, उपनिरीक्षक राम विभु सिंह, कांस्टेबल सुरेंद्र यादव, मनोज राय, आदित्य पांडेय, अजय दुबे, अरुणेश पाठक, अमित पाठक आदि शामिल हैं।

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