मयंक शर्मा NTV TIME ब्यूरो चीफ  बहरोड़ अलवर  
प्रदेशभर में जहां शराबबंदी को लेकर आवाज उठ रही है। वहीं, इस कारोबार से जुड़े लोग एवं अवैध शराब बिक्री पर रोक के जिम्मेदार विभाग मिलीभगत कर शराब की बिक्री को बढ़ावा देने में लगे हैं। अलवर जिले की अगर बात करें तो यहां जितनी शराब की वैध दुकानें हैं , उससे चार गुना अवैध दुकानें हैं । जिन पर सुबह से लेकर देर रात तक खुलेआम शराब की बिक्री होती है । जिले में चल रहे शराब के इस खेल की आबकारी विभाग को भी जानकारी है , लेकिन विभाग जानकर भी अनजान बने बैठा है ।
 
दरअसल, आबकारी विभाग को अपने राजस्व की चिंता है । उसके राजस्व को गुजरात-हरियाणा मार्का सहित दूसरे राज्यों से आने वाली शराब प्रभावित करती है । इसलिए विभाग दूसरे राज्यों से आने वाली शराब के खिलाफ तो कार्रवाई करता है , लेकिन रात आठ बजे बाद बहरोड़ कस्बे सहित जिले में बिकने वाली शराब से उसे नुकसान की जगह फायदा होता है । इसलिए ऐसी दुकानों पर कार्रवाई से गुरेज करता है । जबकि रात आठ बजे बाद शराब की बिक्री को रोकने की पहली जिम्मेदारी आबकारी विभाग की ही बनती है।
 
यूं होता है फायदा
असल, आबकारी विभाग की ओर से हर माह शराब दुकानदारों को शराब की बिक्री के टारगेट दिए जाते हैं। टारगेट पूरे नहीं करने पर भारी-भरकम पेनल्टी का प्रावधान है । पेनल्टी से बचने के लिए शराब दुकानदार अवैध ब्रांचें खोलकर शराब की बिक्री करता है । इससे जहां वह पेनल्टी से बचता है , वहीं दूसरी ओर विभाग के भी टारगेट पूरे होते हैं । ऐसे में अवैध ब्रांचें दोनों के लिए फायदे का सौदा साबित होती हैं।
 
खुली हैं अवैध ब्रांचें
 
बहरोड़ थाना क्षेत्र में व ग्रामीण इलाकों सहित कई अन्य स्थानों पर शराब की अवैध ब्रांचें खुली हुई हैं । यही नहीं कई ऐसे इलाके है जहां रात आठ बजे बाद आसानी से शराब माफिया शराब की खुलेआम ब्रिकी करते देखे जा सकते है । आबकारी विभाग की अनदेखी से शहर सहित जिलेभर में शराब की कई अवैध ब्रांचें खुल गई है । सच्चाई ये है कि इन ब्रांचों को कोई और नहीं बल्कि शराब दुकानदार ही ऑपरेट करते हैं । वे खोखा, होटल व किराना की दुकानों तक शराब पहुंचाते हैं और रात आठ बजे बाद इसकी बिक्री शुरू होती है । ऐसा करने से जहां शराब दुकानदार के टारगेट पूरे होते हैं , वहीं विभाग का भी राजस्व बढ़ता है । इसका प्रत्यक्ष प्रमाण प्रतिदिन अवैध शराब बेचने के दर्ज मुकद्दमों के रूप में देखने को मिलता है । वही हालत इस कदर बिगड़े हुए हैं जहाँ दिन में ही ग्राहकों से शराब के ज्यादा पैसे वशूले जाते हैं इसके साथ साथ ही किसी भी ठेके पर रेट लिस्ट चस्पा नही हुई है इसी बात का फायदा ये ठेके वाले उठाते हैं और मनमर्जी के पैसे ग्राहकों से वशूलते है । 
 
क्या है अधिकारी का कहना :-
 
यदि इस तरह की कोई बात है तो मैं इस पर कार्यवाही करूँगा । अवैध ब्रांच के बारे में आपने मुझे अवगत करवाया है इस पर भी कार्यवाही करूँगा रही बात ओवर रेट की तो उस पर मैने इसी महीने में लगभग 30 चालान काटे है

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