Ntv Deepak Tiwari
बहराइच : राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट लगातार टाल-मटोल का रवैय्या अपनाता आ रहा है. कायदे से अब तक तो इसका फैसला आ जाना चाहिए था, मगर ऐसा लगता है कि सुप्रीम कोर्ट को भी कट्टरपंथियों का इतना डर है कि वो तारीख पर तारीख देने के अलावा कुछ कर ही नहीं रहा. ऐसे में अब बीजेपी नेताओं ने एक बड़ा फैसला लिया है.

भाजपा के पूर्व सांसद व संत रामविलास वेदांती ने राम मंदिर को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर बनाने की तारीख का ऐलान कर दिया है. वेदांती महाराज ने कोर्ट पर तंज कसते हुए कोर्ट के काम पर सवाल भी उठाए. साथ ही ये भी स्पष्ट कर दिया कि राम मंदिर निर्माण पर मोदी-योगी की पैनी नजर रहेगी.

राम मंदिर निर्माण को लेकर रामविलास वेदांती ने कहा कि इस मंदिर का निर्माण केंद्र की मोदी व राज्य की योगी सरकार की देखरेख में होगा. उन्होंने अदालत पर तंज कसते हुए कहा कि वहां फैसले की सुनवाई में लाखों साल लग जाते हैं, इसलिए अदालत से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है.

मस्जिद लखनऊ या कहीं और बन सकती है, लेकिन बाबर व आतंकी के नाम पर मस्जिद नहीं बन सकती और न ही बननी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि मंदिर निर्माण दोनों वर्गों की सहमति से होगा और इसमें किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए.

रामविलास वेदांती ने कहा कि आज केंद्र समेत बीस से अधिक राज्यों में भाजपा की सरकार है. मंदिर सिर्फ भाजपा व मोदी ही बना सकते हैं. ये लोग कभी मंदिर के पक्ष में नहीं रहे. हिन्दू- मुस्लिम मिलकर आपसी सहमति से जल्द ही मंदिर निर्माण का रास्ता निकालें.

उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिमों के लिए लखनऊ या और किसी अन्य जगह पर मस्जिद का निर्माण कराया जा सकता है, लेकिन वो मस्जिद न तो बाबर के नाम पर होनी चाहिए और न ही किसी आतंकी के नाम पर.

निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बहराइच में पहुंचे रामविलास वेदांती ने प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल के आवास पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान राममंदिर समेत कई अन्य मुद्दों पर अपनी राय रखी.

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