मतदाता जागरूकता को लेकर सामूहिक प्रयास किया जाना चाहिए; लेकिन आदेशों में विरोधाभास नहीं होना चाहिए । निर्वाचन आयोग एवं लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल से जारी आदेशों में विरोधाभास स्पष्ट है । म•प्र•तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष कन्हैयालाल लक्षकार ने बताया कि दिनांक 10/11/2018 को श्री विकास नरवाल संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी म•प्र• ने भारत निर्वाचन आयोग के 21/02/2018 के संदर्भ से आदेश जारी कर कहा है कि बच्चों को निर्वाचन गतिविधियों एवं प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाए । ठीक इसके विपरीत 16/11/2018 को श्री राजेश तिवारी नोडल अधिकारी स्वीप एवं उपसंचालक लोक शिक्षण संचालनालय म•प्र ने आदेश जारी कर 17/11/2018 को दोपहर 2:00 से सांय 5:00 तक प्रदेश के समस्त विभागीय अधिकारियों की विडियो कांफ्रेंस की जाएगी जिसे श्रीमती जयश्री कियावत आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय म•प्र•भोपाल संबोधित करेंगे । जिसमें कक्षा 6 से 12 तक के छात्र/छत्राओं को मतदाता जागरूकता अभियान हेतु रैलियों एवं अन्य कई गतिविधि करने का उल्लेख है । उक्त समस्त कार्रवाई भारत निर्वाचन आयोग के 21 फरवरी 2017 का खुला उल्लंघन होकर प्रशासनिक विरोधाभास को उजागर करता है जो सही संदेश नहीं है । किसी भी गतिविधि में छोटे छात्र-छात्राओं को सम्मिलित करने से पूर्व समुचित विचार किया जाना चाहिए कि कहीं बाल अधिकार संरक्षण कानून का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है । बाल अधिकार हनन से जवाबदारों को बचना चाहिए ताकि किरकिरी होने से बचा जाए

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