चंदु शर्मा 
लोग जल्द ही महज एक WhatsApp मेसेज या SMS के जरिए यह जान पाएंगे कि उन्होंने जो दवा या सीरप खरीदा है वो असली है या नकली. ड्रग टेक्निकल एडवायजरी बोर्ड ने ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म को मंजूरी दे दी है. इससे आम लोगों के बीच दवा की गुणवत्ता को लेकर भरोसा बढ़ेगा. इस कदम से भारतीय बाजार से टॉप 300 ड्रग ब्रांड्स की नकली दवाएं मार्केट से बाहर करने में भी मदद मिलेगी.
प्रस्ताव के मुताबिक, टॉप 300 फार्मास्युटिकल्स ब्रांड्स की दवाओं पर 14 अंकों को नंबर प्रिंट किया जाएगा. मार्केट में बिकने वाली दवा के प्रत्येक पत्ते और बॉटल पर ये नंबर यूनीक होंगे. इसके अलावा, दवा में एक मोबाइल नंबर भी प्रिंट होगा. यह मोबाइल नंबर दवा कंपनी ही उपलब्ध कराएगी.
दवा खरीदने वाले लोग सीरप की बॉटल या दवा के पत्ते पर प्रिंटेड 14 अंकों के नंबर को कंपनी की तरफ से उपलब्ध कराए मोबाइल नंबर पर मेसेज कर सकते हैं. 14 अंक के नंबर को मेसेज करते ही दवा बनाने वाली कंपनी का नाम, पता, बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जैसे डिटेल्स आपके पास पहुंच जाएंगे.

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