दतिया। 
सेंवढ़ा मंडी के खरीद केंद्रों पर 16 मई से बारदाने की कमी एवं धीमी तौल होने से परेशान किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए शनिवार को प्रशासन की नींद खुली और सुबह से ही मंडी में प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए।अधिकारियों किसानों की समस्या निपटाने हर संभव प्रयास किया।
शनिवार सुबह 7 बज हीे तहसीलदार सत्तेंद्र सिंह गुर्जर किसानों के बीच पहुंच गए और 11 बजे एसडीएम अशोक सिंह चौहान ने मंडी परिसर में पहुंचकर दो स्थानों पर टेंट लगाकर केंप किया। दो घंटे तक एसडीएम मंडी परिसर में रूककर किसानों की समस्या सुनते रहे। सेंवढ़ा के खरीद केंद्रों पर बीते एक पखवाड़े से लगातार समस्या बड़ रहीं थीं। कभी खरीद की गति धीमी तो कभी तौल कांटों की कमी के चलते एक दिन में जहां पचास किसानों की आवक हो रही थी। वहां केवल 5 से 10 किसानों के गेंहू की तौल की जा रही थी। जिसके कारण परेशान किसानों ने मंडी परिसर के सामने धरने के अलावा कईबार एसडीएम कार्यालय तक जुलूस तक निकाला।
खरीद प्रभारी हमेशा बारदाने की कमी होना बताते रहे। इस बीच बीते एक सप्ताह से चना, मसूर एवं सरसों के खरीद केंद्र पर अव्यवस्था अधिक बड़ गई। किसानों ने खरीद प्रभारी पर चना, मसूर का बारदाना चहेतों को देने का आरोप लगाया और कुछ किसानों ने सरसों का बारदाना स्वयं लूट लिया। किसानों के आक्रोष को देखते हुए प्रशासन लगातार खरीद केंद्रों पर नजर बनाये रखा। शनिवार को एसडीएम श्री चौहान ने मंडी विश्राम गृह तथा मंडी कैंटीन के पास दो केंप लगाकर दो घंटे तक मौजूद किसानों की समस्याओं को सुनते रहे। उन्होंने किसानों से कहा कि आगे से बारदाने की कमी नही रहेगी। दस दिन का रूका माल दो दिन में ही तौल लिया जाएगा। एसडीएम अशोक चौहान ने लोगों से किसी भी प्रकार की शिकायत और परेशानी होने पर सीधे उनसे संपर्क करने को कहा। बतादें कि सेंवढ़ा खरीद केंद्र पर हंगामे के मामले को नवांगत कलेक्टर वीरेंद्र सिंह रावत ने गंभीरता से लिया। जिसके बाद स्थानीय प्रशासन दिन भर किसानों के बीच ही मौजूद रहकर समस्याएं सुनता रहा

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