दीपक तिवारी
पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर देश भर में बत्ती कल्चर खत्म किया गया था परंतु मध्यप्रदेश के नौकरशाहों ने एक बार फिर अपने लिए बत्ती का बंदोबस्त कर लिया है। पहले इनकी कार पर पीली बत्ती हुआ करती थी लेकिन अब पुलिस वाहनों की तरह बहुरंगी बत्ती होंगी। ये बत्तियां आधिकारिक रूप से कलेक्टर, कमिश्नर और कार्यपालक मजिस्ट्रेट के नाम पर मंजूर की जा रहीं हैं परंतु सब जानते हैं कि लगभग हर आईएएस की कार पर यह सजी हुई नजर आएंगी। मप्र के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने मोदी की मंशा के विरुद्ध बत्ती कल्चर को अनुमति दे दी है। और पढ़ें
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की स्वीकृति मिलने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। तब तक किसान आंदोलन अथवा अन्य कानून व्यवस्था से जुड़े मामले में गश्त के लिए कमिश्नर, कलेक्टर या कार्यपालक मजिस्ट्रेट को जाना है तो वे पुलिस अधीक्षक की गाड़ी में जाएं। एक साल पहले सिर्फ पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को छोड़कर सभी अधिकारियों की लाल व पीली बत्ती उतरवा दी गई थी। इसके बाद लाल, नीली व सफेद रंग की बहुरंगी बत्ती पुलिस, रक्षा बल व अर्द्ध-सैनिक बल के उपयोग के लिए रखी गई। और पढ़ें
इस संबंध में 14 जुलाई 2017 को निर्देश भी जारी कर दिए गए। हाल ही में बड़े आंदोलन, प्रदर्शन अथवा रात्रिकालीन गश्त के मद्देनजर कमिश्नर, कलेक्टर और कार्यपालक मजिस्ट्रेट आदि ने गृह विभाग से कहा कि उन्हें बत्ती नहीं होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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