रिपोर्ट अमन वर्मा
फैजाबाद मंडल  ब्यूरो चीफ

सुलतानपुर कौन समझे  सिपाहियों के दुख दर्द आखिर उनके भी होते हैं.( परिवार )
कैसे रहते होंगे वो सिपाही अपने परिवार से इतने दिनों तक दूर ,,
छुट्टियां मांगने पर अधिकारियों के सुनने पड़ते हैं ताने-बाने ,,
भारी दबाव होने का बनाते हैं बहाना ,,

आखिर सिपाही ही क्यों होता है परेशान
छुट्टियां ना मिलने का यह दौर कोई नया नहीं है !
अभी कुछ महीने पहले फैजाबाद में भी एक सिपाही ने छुट्टी ना मिलने पर आत्महत्या कर ली थी !
ऐसी छुटपुट घटनाएं प्रदेश के सभी जिलों से सुनने को मिलती हैं !
सुलतानपुर में भी सिपाहियों को छुट्टी लेने के लिए करनी पड़ती है भारी मशक्कत कई अधिकारी तो ऐसे भी हैं! जिनको पीड़ा बताने के बाद भी नहीं समझते सिपाहियों के दुख-दर्द इन सब के पीछे कौन है जिम्मेदार.

यूपी पुलिस के एक सिपाही ने 30 दिनों की छुट्टी की अर्जी के लिए ऐसी वजह लिखी जिससे जानकर हर कोई हैरान है। मामल उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का है जहां कोतवाली थाने में तैनात सोम सिंह ने छुट्टी की वजह परिवार बढ़ाना बताया है। सोम सिंह का यह लेटर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है औज लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।

चौंका देने वाली बात तो ये है कि थानेदार ने सिपाही को 30 दिन की बजाय 45 दिनों की छुट्टी दे दी। लेकिन सोशल मीडिया पर मजाक उड़ने के बाद अब थानेदार ने सिपाही सोम सिंह को दोबारा किसी और कराण से छुट्टी की अर्जी लिखने को कहा। बहरहाल दूसरे कारण देने के बाद सोम सिंह को छुट्टी पर भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि सोम सिंह कई हफ्तों से छुट्टी की मांग कर रहा था।

इस तरह के अजीबो-गरीब मामले पहले भी सामने आया था, जब एक सिपाही ने अपनी अर्जी में कारण लिखा था कि छुट्टी नहीं मिली तो पत्नी छोड़ कर चली जाएगी।

दरअसल, पुलिस फोर्स में कर्मियों को छुट्टी मिलना एक बड़ी समस्या रही है। कई बार कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश मिलना भी मुश्किल हो जाता है और कहीं-कहीं 15-16 घंटे तक की शिफ्ट करनी पड़ती है। कभी-कभी ऐसे हालात भी बन गए कि सिपाही को खुदकुशी तक करनी पड़ी है। कई मामलों में छुट्टी न मिलने पर कर्मी इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी की हत्या तक कर डाली।

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