सैदपुर-फैजाबाद (अनूप पांडेय)
रुदौली तहसील क्षेत्र के कुछ गांवो मे स्वच्क्ष भारत मिशन योजना मे भ्रष्टाचार के घुन लगे हुये हैं इस योजना के तहत पात्रों के बजाय अपात्रों को शौचालय का लाभ दिया जा रहा है।प्रधान के चहेते मालामाल हो रहे हैं जिनको सच मे शौचालय की आवश्यकता वे बेचारे पूछे ही नही जाते।देखिये इस योजना मे किस प्रकार से धांधली हो रही है।यह-:कि जो अपने गांव के प्रधान का चहेता है चमचा गिरी सही ढंग से कर रहा है भले ही उसका शौचालय दस साल पुराना हो लेकिन यदि वर्तमान मे देखा जाये तो वह एकदम नया है होता यह है कि प्रधान जी उक्त योजना के तहत अपने करीबी को तय कर लेते हैं शौचालय पुराना रहता है पेंटिग कराकर नया दर्शा दिया जा रहा है और सरकार से मिलने वाले 12000रुपये अनुदान का प्रधान व लाभार्थी द्वारा बंदर बांट किया जा रहा है इस बात की सच्चाई उजागर करने के लिये आसान तरीका है जो पुराने शौचालय बने हैं उनके गडढों को पुनः खुदाया जाय तो सच अपने आप सामने आ जायेगा।यदि तहसील क्षेत्र के तालगांव उमापुर गनेशपुर सैमसी सुनबा कसारी बिहारा आदि की जांच की जाय तो देखो कितने अपात्रों को प्रधान जी द्वारा लाभान्वित किया गया है।सोचने वाली बात है कि जो सर्व सम्पन्न था या मध्यम वर्ग मे जीवन यापन कर रहा है उसमे घर मे बगल मे पहले से शौचालय बना हुआ है तो उसे सरकारी धन देकर खुश करने की क्या आवश्यकता थी ।लेकिन प्रधान जी का पेट जो हमेशा खाली रहता है उसकी आंशिक भूख कैसे मिटती  यदि यही सरकारी धन उन लोगों को दिया जाता जो शौचालय बनवा पाने की स्थिति मे नही हैं तो कितनो का भला होता और पात्रों को लाभ मिलता सरकार गरीबी दूर करने की सोचती है तो गरीबी बनाये रहने की सोच है इस तरीके से देश को आगे बढाने की बजाय पीछे धकेला जा रहा है।जहां देखो वहां भ्रष्टाचार व घोटाला गडबड झाला हाबी है ।किसी को कानून कायदे का खौफ नही है ब्लॉक मुख्यालय भी आंखें बंद किये रहते हैं करना ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को होता है जिला सम्हालने वाले अधिकारी क्या क्या देखेंगे।लेकिन जिला प्रशासन को इन सब मामलों मे हरकत मे आने की आवश्यकता बन गयी है ।क्यों की प्रधान मंत्री आवास हो या स्वच्क्ष भारत मिशन योजना के तहत शौचालय का सब मे पूर्ण रुप से भ्रष्टाचार हाबी है।पत्रकारों की दुश्मन दुनिया रहती है क्यों कि एक ईमानदार पत्रकार सच लिखता है जो बहुत कडुवा होता है।आज 80फीसदी प्रधान बीजेपी के होने का दावा करते हैं इसलिये भी भ्रष्टाचारी पर अंकुश लगना कठिन हो रहा है जबकि सच्चाई यह है कि प्रधान किसी पार्टी विशेष के नही होते बहुत कम ही लोग पार्टी से जुडे होते हैं बाकी तो लाभ लेने के लिये दिखावा करते हैं जो पार्टी सत्ता मे आती है उसी के हो जाते हैं क्षेत्रिय बिधायक आदि माननीय को भी इन बातों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है वर्ना भ्रष्टाचार व घोटाला गडबड झाला दूर कर पाना असम्भव है। यही कारण है कि भ्रष्टाचारी मिटने की बजाय बढती जा रही है और भ्रष्टाचार के मामले मे सरकार लाचार दिख रही है और भ्रष्टाचारी मालामाल हो रहे हैं।

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