सोनपुर से संजीत कुमार की रिपोर्ट —                             सारण — सारण जिले के  सोनपुर थाना पर ग्रामीणों ने बुधवार की देर रात अचानक हमला कर दिया जिसमें एक महिला सहायक सब इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक थाने के जैतिया गांव के एक छात्र कुंदन कुमार सिंह की हत्या मामले में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दो संदिग्धों को छुड़ाने के लिए ग्रामीणों ने पथराव किया। घटना बुधवार की रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। सोनपुर थाने के जैतिया गांव निवासी छात्र कुंदन कुमार सिंह की हत्या मामले में बीते बुधवार को पुलिस द्वारा दो युवकों को हिरासत में लिए जाने के बाद रात्रि करीब एक बजे थाने पर हुए पथराव की घटना में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
 *पांच थाने की पुलिस कर रही है कैंप ।* 
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनपुर में कई थानों की पुलिस कैम्प कर रही है। नयागांव, दरियापुर, दिघवारा थाने की पुलिस के अलावा हरिहरनाथ और पहलेजा ओपी की पुलिस सोनपुर थाने पर कैम्प कर रही है।
युवकों की गिरफ्तारी से नाराज थे ग्रामीण
कुंदन हत्याकांड में सोनपुर पुलिस में सोनपुर के बरबट्टा और पटेलनगर से एक-एक युवक को गिरफ्तार किया था। दोनो की गिरफ्तारी से आक्रोशित उन दोनों के मोहल्ले के लोग बुधवार की रात दस बजे से ही सोनपुर थाने पर जुटने लगे थे।
रात्रि एक बजे थाने पर ग्रामीणों के साथ पुलिस  कर्मियों के बीच नोक झोक शुरू हो गई पुलिस ने कहा कि कानून अपना काम कर रही है इस मे दखल नहीं दे  ।लेकिन ग्रामीणों ने अपना आपा खो दिया और थाने पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव से एएसआई रंजना कुमारी सहित चार पुलिस कर्मी चोटिल हो गए। पुलिस ने बल प्रयोग कर पथराव करने वालों को खदेड़ा। उसके बाद चोटिल पुलिस कर्मियों का इलाज अनुमंडल अस्पताल में कराया गया। इस मामले को।लेकर पुलिस काफी सतर्कता बरत रही है।
एक दिन पहले  ही तिरहुत के आईजी सुनील कुमार ने सारण के डीआईजी, एसपी सहित जिले सभी वरीय पदाधिकारियों के साथ सोनपुर में बैठक कर कहा था कि पुलिस पर हमला होने पर सामूहिक जुर्माना लगाया जाएगा। अब यह देखने की बात होगी कि आईजी की घोषणा के बाद रात्रि में ही थाने पर हुए पथराव मामले में पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।।                                             अब सबाल यह उठ रही है कि जब क्षेत्र में पुलिस , थाने सुरक्षित नहीं हो पा रही है तो आम जनता कितनी सुरक्षित हैं। आये दिन प्रशासन पर हमला होना कहि न कही लचर  कानून व्यवस्था है या दबंग की पहुँच ऊँचे है तभी तो क्षेत्र में जिला से लेकर थाने के पुलिसकर्मी पर हमला हो रही हैं ।  *कई लोगो ने इस घटनाओं को निंदा करते हुए कहा कि** प्रशासन द्वारा गरीबो पर ही कानून का डर दिखा कर रौब झारती है । क्या कानून व्यवस्था गरीबो के लिए ही बनाई गई है । आज बिहार में शराबबंदी लागू है लेकिन शराब माफिया नही पकड़े जाते हैं लेकिन गरीब परिवार के लोग शराब पीने वाले या बेचने वाले लोगों को ही प्रशासन द्वारा कठोर करवायी की जाती हैं क्यो नही माफियाओं को पकड़ी  जा रही है ।                              इससे साफ होता है कि कहि न कही नीतीश सरकार के विकास को नकाब करने के लिए साजिश रची तो नही जा रही है

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