शाजापुर(निर्मल)
जिला मुख्यालय के शासकीय अस्पताल डॉ.भीमराव आंबेडकर जिला चिकित्सालय में एक्स-रे की हालत दिनों दिन खराब होती जा रही है। दिन में यहां पहुंचने वाले 50-55 मरीजों को एक्स-रे की जरूरत पड़ती है। एक्स-रे करने के लिए बकायदा रेडियोलॉजिस्ट भी पदस्थ है। जो सभी मरीजों के एक्स-रे भी करते है, लेकिन जब एक्स-रे फिल्म की बात आती है तो सभी को सादे कागज पर प्रिंट किए हुए एक्स-रे थमाए जाते है। फिल्म की जगह सादे कागज पर निकलने वाले एक्स-रे से कई बार डॉक्टर भी धोखा जाते हैं और मरीजों को बेहतर उपचार नहीं दे पाते।
जिला अस्पताल के डॉक्टर भी यह बात मानते है कि एक्स-रे फिल्म पर ही बेहतर होते हैं, सादे कागज पर एक्स-रे प्रिंट निकालने से माइनर फ्रैक्चर नजर नहीं आता है। बता दें कि करीब तीन साल पहले जिला अस्पताल में एक्स-रे फिल्म खत्म हुई थी, तब कुछ दिनों के लिए प्रिंटर से कागज पर एक्स-रे निकालना शुरू किए थे, महज व्यवस्था अस्थाई तौर पर की गई थी, लेकिन इसके बाद से ही बजट का अभाव लगातार बना रहा।
मांग 15 हजार की, मिल रही 1500  जिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने इस संबंध में वरिष्ठ स्तर पर कोई जानकारी नहीं दी। लगातार 3 साल से जानकारी देने के बाद भी अस्पताल को हर बार बजट का अभाव बताते हुए ऊंट के मुंह में जीरा बराबर एक्स-रे फिल्म उपलब्ध कराई जाती है। जिसका उपयोग केवल एमएलसी में ही हो पाता है।
           बजट नहीं होने के कारण जिला चिकित्सालय में सादे कागज को एक्स रे फिल्म के रूप मे उपयोग किया जा रहा है ।चिकित्सक खुद ही एक्स रे रूम में जाकर उसे एक्स-रे रिपोर्ट को चेक करते हैं तभी मरीज का इलाज किया जाता है ।
जी एल. सोढ़ी सीएचएमओ शाजापुर
           सादे कागज पर एक्स-रे प्रिंट से कई बार परेशानी आती है। माइनर फ्रैक्चर नजर नहीं आते, जिससे हड्डी का सही पता नहीं लगता, जिससे मरीज को ट्रीटमेंट देने में परेशानी आती है।
डॉ. खंडेलवाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल शाजापुर
       कागजों पर एक्स-रे निकालने से बड़े फ्रेक्चर तो नजर आ जाते हैं, लेकिन बारिक फ्रैक्चर का पता नहीं चलता है। जिससे मरीज को सही उपचार नहीं मिलता।
   डॉ. एन. के. गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल शाजापुर
         बजट के अभाव में एक्स-रे फिल्म नहीं आ रही है। जिससे सादे कागज पर प्रिंट निकालकर मरीजों को दी जा रही है। एमएल सी केस के लिए ही फिल्म का उपयोग किया जाता है। इसमें जरूरी केस में ही फिल्म का उपयोग होता है। जिला अस्पताल में फ्यूरी की जापानी एक्स-रे मशीन है, लेकिन फिल्म की कमी से उसका उपयोग नहीं हो पाता। जल्द ही इसकी उपलब्धता हो जाएगी।
एस.के.धनोतिया, रेडियोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल
शाजापुर

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