इस चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी को नामांकन के लिए नहीं मिले अपेक्षित प्रस्तावक।
राजेश कुमार यादव
वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जहां एक ओर बीजेपी के लोग आत्ममुग्ध से नजर आ रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि 2014 लोकसभा के बाद 2017 विधानसभा चुनाव में जिस तरह से फतह हासिल की वैसे ही आगे भी सब कुछ चलता रहेगा। उधर हाल यह है कि विधानसभा चुनाव के बाद नगर निगम के चुनाव में भले ही बीजेपी ने अपना मेयर जिता लिया और बहुमत भी पा गए, लेकिन मेयर के चुनाव में भी विपक्ष ने करारी टक्कर दी। उसके बाद तो जितने भी चुनाव हुए सभी में एकतरफा जीत हासिल करते हुए सत्ताधारी दल को लगातार पटखनी देता आ रहा है विपक्ष। खास तौर पर समाजवादी पार्टी।
भाजपा प्रत्याशी को नामांकन के लिए नहीं मिले प्रस्तावक
बता दें कि जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड वाराणसी के चेयरमैन पद के लिए मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट वाराणसी के एडीएम सिटी कार्यालय में चुनाव हुआ। सुबह 10:00 बजे से ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी एवं समाजवादी पार्टी के नेता जमघट लगाए हुए थे। यहां यह भी बता दें कि जिला सहकारी बैंक वाराणसी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सपा नेता अजय राय की भाभी रागिनी राय चेयरमैन पद की प्रमुख उम्मीदवार थीं। भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशी विभा मिश्रा को चुनाव जिताना चाहती थी। लेकिन आलम यह कि बीजेपी प्रत्याशी को प्रस्तावक ही नहीं मिले। बता दें कि इस पद के चुनाव के लिए तीन डायरेक्टर्स को अपने पक्ष में प्रस्तावक बनाना जरूरी था। ऐसे में जब नामांकन के लिए निर्धारित समय तक भाजपा के पक्ष में तीन डायरेक्टरों का समर्थन प्रस्तावक के रूप में नहीं मिल पाया तो भाजपा प्रत्याशी प्रस्तावकों के समर्थन के अभाव में नामांकन दाखिल ही नहीं कर पाई। प्रस्तावक न जुटा पाने से गुस्सा प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र स्वयं फाड़ दिया और सपा कार्यकर्ताओं और नेता पर नामांकन पत्र छीनने का आरोप लगाने लगी। नामांकन कक्ष के बाहर भाजपा प्रत्याशी समर्थकों के साथ धरने पर भी बैठ गई। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

चुनाव अधिकारी ने दिया अहम् फैसला
ऐसे में इस चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर एडीएम सिटी ने अपने विवेक का परिचय देते हुए बगैर किसी राजनीतिक दबाव के भाजपा प्रत्याशी के समस्त आरोपों को नकार दिया तथा समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी रागिनी राय का सिंगल नामांकन होने के कारण उन्हें निर्विरोध चेयरमैन घोषित कर दिया। जीत का प्रमाण पत्र मिलने के साथ ही समस्त डायरेक्टरों ने रागिनी राय को फूल मालाओं से लादकर विजय उद्घोष किया तथा भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थन न होने के बावजूद भी अपने कुत्सित प्रयासों से चुनाव जिताने के असफल प्रयास पर आक्रोश भी व्यक्त किया।
भाजपा ने सपा प्रत्याशी के पति पर लगाया था गबन का आरोप
बता दें कि सोमवार को ही भाजपा द्वारा अजय राय के ऊपर एक विभागीय अधिकारी की तहरीर पर प्रशासनिक दबाव बनाकर कैंट थाने में पांच करोड़ रुपये के गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया था ताकि पुलिस के बल पर इस चुनाव को जीता जा सके। लेकिन मंगलवार को डायरेक्टरों की एकजुटता एवं सपा की लामबंदी से भाजपा का यह प्लान भी फेल हो गया।

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