मुंबई। महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री राज कुमार बडोले के पीए और एक अन्य अधिकारी पर रिश्वत का आरोप लगा है। आरोप लगाने वाले ने मंत्रालय में ही यह कहते हुए इस अधिकारी की पिटाई कर दी कि रिश्वत लेकर भी काम नहीं किया गया। अरुण ने नागपुर के मॉनसून सत्र के दौरान विधानभवन इमारत के सामने आत्मदाह करने की कोशिश की थी। इस पर मंत्री बडोले ने सफाई दी कि इस मामले में उन पर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया गया है।
मंत्रालय में बुधवार को मंत्री बडोले के कार्यालय में उस्मानाबाद के अरुण निठुरे ने आकर आरोप लगाया कि पिछले तीन साल से वह एक आश्रमशाला की मान्यता और एक आश्रमशाला के अनुदान के लिए मंत्रालय के चक्कर लगा रहे हैं। इस काम के लिए वह बडोले के पीए को 10 लाख रुपये और एक अधिकारी गबाले को 1.60 लाख रुपये दे चुके हैं। अरुण ने गबाले से कहा कि जिस काम के लिए रकम दी थी, वह काम तो हुआ ही नहीं। इस पर अधिकारी ने कहा कि मैंने तुझसे एक पैसा भी नहीं लिया है। इससे अरुण आपा खोकर गबाले की पिटाई करने लगे। उस समय मंत्री अपने कार्यालय में ही थे। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, ‘मेरे पीए पर रिश्वत का आरोप राजनीतिक साजिश है। मैं पूरे मामले की जांच कराकर उचित कार्यवाही करूंगा।
‘मानसिक हालत ठीक नहीं’
बडोले ने कहा, ‘निठुरे ने मंत्रालय में मेरे कार्यालय में आकर अधिकारी से कहा कि आश्रमशाला की फाइल को तत्काल मंजूरी के लिए भेजिए। उन्होंने मारपीट भी शुरू कर दी। निठुरे की मानसिक स्थिति अच्छी नहीं है।’
विपक्ष ने किया हमला
इस मामले में विपक्ष ने सरकार पर हमला बोल दिया। विधानसभा में विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा कि अभी तो मंत्रालय में मंत्री के अधिकारी की पिटाई हुई है, जल्द ही मंत्रियों के साथ भी ऐसा हो सकता है। विधान परिषद में विरोधी पक्ष नेता धनंजय मुंडे ने आरोप लगाया कि इस सरकार में मंत्रियों के कार्यालय ही भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए हैं।

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