विकास वर्मा (हरियाणा ब्यूरो):- गुरूग्राम: जम्मू के राजौरी जिले के भिंबर गली सैक्टर में पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए हरियाणा के गुरूग्राम जिले की पटौदी तहसील के रनिस्का गांव के कैप्टन कपिल कुंडू(23) की उनके पैतृक गांव में देर रात राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई।
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शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए गांव के उस मैदान में लोगों का हुजूम उमड़ा था जहां वह कभी खेला करते थे।‘शहीद कपिल कुंडू अमर रहे, जब तक सूरज-चांद रहेगा शहीद कपिल कुंडू तेरा नाम रहेगा’तथा पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों के बीच शहीद को मुखाग्नि दी गई।

पंद्रह जम्मू कश्मीर लाईट इनफेंट्री के कैप्टन कुंडू का पार्थिव शरीर शाम को ही उनके पैतृक गांव लाया गया था। हिंदू मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त होने के बाद अंतिम संस्कार की रस्म अदायदी नहीं होती है लेकिन शहीद की मां सुनीता कुंडू ने अपने लाल को रात को ही विदाई देने का मन बना लिया।

2012 में हुआ था एनडीए में सिलेक्शन
कपिल की पढ़ाई पटौदी जिले के डिवाइन डेल इंटरनेशनल स्कूल से हुई थी। साल 2012 में कपिल का एनडीए में सिलेक्शन हुआ था। जहां से वे इंडियन अर्मी के लिए चुने गए थे। उनमें बचपन से ही देशभक्ति का जज्बा कूट-कूटकर भरा था। कपिल हमेशा कहते थे कि –

 ‘ ज़माने भर में मिलते है आशिक कई
मगर वतन से खुबसूरत कोई सनम नहीं होता
नोटों में सिमटकर मरे है लोग
मगर तिरंगे से खुबसूरत कोई कफन नहीं होता ‘ 

4 दिन पहले हुआ था प्रमोशन
बताया जा रहा है कि कैप्टन कपिल का 4 दिन पहले ही प्रमोशन हुआ था। प्रमोशन से जहां एक तरफ परिवार में खुशी का माहौल था वहीं उनकी शहादत की खबर से परिवार में माहौल गमगीन हो गया। कपिल के परिवार की माने तो कपिल ऐसे जिंदादिल इंसान थे कि वो तो पाकिस्तान से भी प्यार करने लगे थे। उन्होेंने तीन दिन पहले अपनी मां से फोन पर बात की थी।

मां ने कहा मुझे चारों बेटों पर गर्व है
शहीद कैप्टन कपिल की मां ने कहा कि शहीद हुए सभी जवान मेरे बेटे है। मुझे मेरे लाल पर गर्व है। मां आंखो में आंसू लिए कह रही है कि अगर मेरा बेटा जिंदा होता तो देश के लिए और भी बहुत कुछ करता। उन्होंने कहा कि मुझे अपने बच्चों पर गर्व है। अगर पाकिस्तान ने 4 मारे हैं तो हमारे 24 मारकर आएंगे। साथ ही कहा कि जवानों को ऐसी सुविधा दी जाए। जिससे वह अपनी रक्षा कर सकें।
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कविता लिखना और सरप्राइज देने का था शौक
कपिल को एंडवेंचर लाइफ बहुत पसंद थी। उन्हें कविताएं लिखने का बड़ा शौक था। वह अपनी बहनों को अपनी दिल की बातें कविताओं के जरिए बयां किया करते थे। कपिल  हर बार परिजनों को सरप्राइज देने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे। कपिल की दो बड़ी बहनें है और मां हैं। पिता का 6 साल पहले निधन हो चुका है। वह सबको प्यार करते थे।मां का कहना है कि मुझे इंतजार था कि मेरा बेटा आएगा लेकिन अब वो कभी नहीं आएगा। उन्होंने एक आखिरी वीडियो अपनी बहन को भेजी थी।
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ग्रामीण लगा रहे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे 
शहीद कैप्टन कुंडू के गांव में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लग रहे है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री को एक के बदले सौ लड़के चाहिए तो हम देने को तैयार है लेकिन बदला लें। वो चाहते है कि भारत पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दें। गांव में गम का माहौल है लेकिन सभी का सीना इसलिए भी चौड़ा है कि उनके बेटे ने देश पर अपनी जान न्यौछावर करके अपने गांव का नाम रोशन किया है ।

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