बल्दीराय तहँसीलक्षेत्र में दर्जनों बदनाम विद्यालयों  के ठेकेदारों के ठेके संकट में।
शासन के सख्ती से नकल माफियाओं की धड़कने बढ़ी ।
बल्दीराय/सुलतानपुर|(भानू मिश्रा)
भाजपा शासन की  नकल विहीन बोर्ड परीक्षा करवाने की सख्ती ने ,नकल माफियाओं की धड़कनें बढ़ा दी है ।रूपये के बलपर परीक्षा “पास”करने वाले छात्रों को जहां परीक्षा छोड़ने की नौबत आ सकती है तो वहीं नकल करवाने की धृष्टता करने वाले विद्यालय प्रबंधकों/अध्यापकों की नौकरी और विद्यालय की मान्यता खतरे में पड़ सकती है ।
अबतक के बोर्ड परीक्षाओं में  विद्यालय माफियाओं व सरकरितंत्र में बृहद भ्रष्टाचार  के चलते  नकलची छात्रों की भरमार थी।किन्तु वर्तमान शासन की परीक्षानीतियों से ,विद्यालय प्रवंधको और फर्जी छात्रों के होश उड़े हैं । शासनादेशानुसार किसी भी परीक्षा केंद्र की बाउंड्री के अंदर कोई बाहरी नज़र नहीं आना चाहिए,खिड़कियां जालीयुक्त अथवा बंद होनी चाहिए व् खिड़किये से किसी किस्म के आदान प्रदान की संभावना भी नहीं दिखनी चाहिए।केंद्रव्यवस्थापक का मोबाइल नं जो दर्ज कराया गया है उसके अतिरिक्त कोई भी मोबाइल अंदर नहीं होना चाहिए।कंप्यूटर अथवा इलेक्ट्रॉनिक का कोई उपकरण कक्ष में नहीं होना चाहिए। इसके अतिरिक्त परीक्षार्थियों के लिए एक लाक रूम केंद्र में हो, जिसमें वे अपना सामान रख सकें।किसी भी छात्रा की तलाशी महिला द्वारा व् बंद स्थान पर हो। कोई भी परीक्षार्थी कक्ष में परिचय पत्र व् जमेट्रीबॉक्स के अतिरिक्त कुछ भी न ले जाने पाये।कक्ष में लाइट की पर्याप्त व्यवस्था  होनी चाहिए। CC TV की निगरानी में परीक्षा होना अनिवार्य  है ।
शासनकी सख्ती से जिला के जिम्मेदारों ने फरमान जारीकर विद्यालय प्रबंधकों के पेंच कस दिए है।देखाजाय तो बल्दीराय तहसीलक्षेत्र में दर्जनों विद्यालय नकल करवाकर ,क्षात्रों को पास करवाने का जिम्मा लेते थे ।देखना यह है कि नकलविहीन बोर्ड परीक्षा सम्पादित करवाने हेतु लगाए गए ,”जिम्मेदार “इन नकल माफियाओं के मकड़जाल में फंसते हैं ?अथवा शासन के मंशा को मजबूती देते हैं । फिलहाल बोर्ड परीक्षा सम्बन्धी शासनादेश से नकल के भरोसे बेड़ापार करने व करवाने वालों के होश फाख्ता हैं ।

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