नीमच|लो आ गए अच्छे दिन, स्कुल चले हम अभियान, सर्व शिक्षा अभियान, बेटी बचाओ – बेटी पढाओ, शिक्षा का अधिकार, शिक्षा सबके लिए, आदि आदि आदि।
ये सब भाषण, पेपर बाजी, मीडिया में सिर्फ वाह वाही लूटने तक ही सिमित है शायद। मध्य प्रदेश के गरीब बच्चे पढे लिखे और आगे बढे इसके लिए प्रदेश सहित देश का हर बुद्धिजीवी वर्ग , प्रशासनिक अमला, जनप्रतिनिधि बड़ी बड़ी डींगे हाकते नही थकते है। पर वो ये क्यों भूल गए मामाजी के प्रदेश – मध्य प्रदेश में मामाजी के भांजे भांजियों को आज तक साइकिल तक नसीब नही हुयी। भूल गए या जानबूजकर नजर अंदाज किया जा रहा है या कुछ और ही खिचड़ी पक गयी। ज्ञात हो की मध्य पेडवश के नीमच जिले में कक्षा 9 की परीक्षा भी विगत दिनों से चालु हो चुकी है और लगभग 2 पेपर भी वार्षिक परीक्षा के पूर्ण हो चुके है। वहीँ कक्षा 10 की प्रि बोर्ड परीक्षा भी चल रही है। कुलमिलाकर 31 मार्च से पूर्व कक्षा 1 से कक्षा 12 तक की समस्त परीक्षाये पूर्ण हो जायेगी।
समझ में यह नही आ रहा है की साइकिल आगामी 1 अप्रैल के बाद देने की योजना है या 2018 चुनाव के पश्चात देने की योजना है। हजार बहाने बाजी करने और एक दुसरो को दोषी ठहराने से पहले जिम्मेदार मुख्यमंत्री जी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन इन नन्हे बच्चों की पीड़ा पर ध्यान दे देते तो बड़ा ही परोपकार होता है।आपकी आवाज – एक सामाजिक संगठन के गोपालदास बैरागी – राष्ट्रिय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ ने सम्बंधित से मांग की है की अभी भी वक्त है बच्चे परीक्षाये संचालित होने तक तो स्कुल जा ही रहे है तो फ़रवरी माह में देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों को साईकिल दे देंगे तो शायद बच्चों की ख़ुशी दुगनी हो सकती है। परीक्षा में खुश मन से दे सकेंगे। सम्बंधित विभाग, जिला प्रशासन, नीमच जिले के विधायक, स्थानीय सांसद, सक्रिय जनप्रतिनिधि बच्चों की इस वाजिब समस्या पर ध्यान केंद्रित करते हुए बच्चों को उनका हक प्रदान करने का प्रयास करे।

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