मुंबई (चंदू शर्मा)
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच तेज हो गई है. अन्य बैंकों के अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं. जिन बैंकों की विदेशी शाखाओं से पीएनबी के धोखाधड़ी वाले साख पत्रों (एलओयू) के जरिये कर्ज दिया गया उनके अधिकारी भी जांच के घेरे में आ गये हैं.

यह घोटाला पिछले सात साल से चल रहा था. ईडी ने अब तक मामले में 5694 करोड़ रुपये के हीरे, सोने के जेवर और बेशकीमती रत्न जब्त किये हैं.

नीरव मोदी के ठिकानों पर छापेमारी जारी
आपको बता दें कि नीरव मोदी के मुंबई स्थित घर पर ईडी की छापेमारी जारी है। वहीं सूरत के तीन और दिल्ली के एक ठिकाने पर भी छापेमारी चल रही है। वहीं केंद्र सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने पीएनबी के अधिकारियों को समन कर पूछताछ के लिए बुलाया था। यह बैठक अब खत्‍म हो चुकी है। इस बीच, सीबीआइ ने नीरव मोदी की कंपनी के दूसरे चीफ फाइनेंस ऑफिसर रवि गुप्ता को पूछताछ के लिए समन किया है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा घोटाले का मामला

ईडी और सीबीआइ की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच पीएनबी घोटाले का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में एसआइटी जांच की मांग करते हुए शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

डायमंड वर्ल्ड का मालिक हिरासत में

उत्‍तर प्रदेश, गाजियाबाद स्थित इंदिरापुरम के शिप्रा मॉल में डायमंड वर्ल्ड नामक शोरूम में भी ईडी ने छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों ने डायमंड वर्ल्ड के मालिक सुनील कुमार अग्रवाल को हिरासत में लिया। अब पूछताछ के लिए उन्‍हें दिल्ली लेकर जा रहे हैं। उधर, सुनील का कहना है कि वह पिछले 11 साल से शिप्रा मॉल में हीरो का शोरूम चला रहे हैं। उनका नीरव मोदी या उनकी किसी भी संस्था के साथ कोई संपर्क नहीं है। वहीं, ईडी के अधिकारियों ने अनौपचारिक से बताया कि हीरा कारोबारी सुनील कुमार अग्रवाल के नीरव मोदी से संपर्क होने की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कोई औपचारिक जानकारी मिल सकेगी।

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