शाजापुर (निर्मल)
होटलों, दुकानों से लेकर खाद्य-पेय पदार्थों से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने वाले खाद्य सुरक्षा अधिकारी निरीक्षण से जुड़ी जानकारियां व रिपोर्टिंग कागजों में दर्ज करने की जगह अब मौके से ही सीधे ऑनलाइन फीड करेंगे। यह काम भी खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग से जुड़े इन निरीक्षकों को विभाग की ओर से ही मिलने वाले टेबलेट सिस्टम के जरिए एक विशेष एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर से होगा। नई व्यवस्था के तहत शाजापुर व आगर-मालवा जिले में भी मार्च महीने से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का यह निरीक्षण हाईटेक होने वाला है।
भोपाल से ट्रेनिंग मिली अब शुरू करेंगे काम जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी आर.के. कांबले हाल ही में भोपाल जाकर इस संबंध में ट्रेनिंग ले चुके हैं। कांबले के अनुसार इससे पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारी निरीक्षण करते समय उससे जुड़ी जानकारी कागजों पर दर्ज करते थे। उस प्रक्रिया में समय ज्यादा लगता था। डाटा लंबे समय तक सुरक्षित रहने की सिक्यूरिटी भी नहीं थी। अब एफएसएसएआई ने पूरे मप्र में नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी होटलों, दुकानों आदि का निरीक्षण कर मौके से ही जानकारी फोस्कोरिस (फूड सेफ्टी कम्प्लाइंस थ्रू रेगुलर इंस्पेक्शन एंड सेंपलिंग) एप के जरिए ऑनलाइन फीड कर देंगे। इसके लिए टेबलेट व इंटरनेट कनेक्टिविटी की सिम कार्ड विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है। कामकाज की निगरानी पर भी बारीकी से नजर सूत्रों ने बताया खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के इंस्पेक्टर्स के कामकाज की निगरानी पर भी इस व्यवस्था के जरिए बारीकी से नजर रखी जाएगी। वे कहां जा रहे हैं, क्या कर रहे हैं, किस सामग्री की जांच कर रहे हैं, उसमें कितना समय लग रहा है। वे जो आंकड़े जुटा रहे हैं, वास्तविक हैं या फर्जी। इन तथ्यों का रिकॉर्ड अब सॉफ्टवेयर के जरिए रखा जाएगा। मॉनिटरिंग और सैंपलिंग की पल-पल की जानकारी दर्ज होगी। यदि जांच गाइड लाइन से हटकर हुई है तो वह भी ट्रेस हो जाएगी। एफएसएसएआई खाद्य सामग्री की मॉनिटरिंग और सेंपलिंग में एकरूपता लाना चाहता है। इसके लिए उसने फोस्कोरिस नाम का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाया है।
जीयो टैग ही माना जाएगा हस्ताक्षर अधिकारी द्वारा जब किसी दुकान पर मिलावटखोरी के अंदेशे में कार्रवाई की जाती थी तो कई बार दुकानदार कार्रवाई होने के बाद दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं करते थे जिसके कारण अधिकारियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था लेकिन अब ऑनलाइन कार्रवाई करने के दौरान इस समस्या का भी निराकरण हो जाएगा। साफ्टवेयर में जीयो टैग के माध्यम संबंधित दुकानदार की उपस्थिति दर्ज कर लेगा। जीयो टैग को साफ्टवेयर मे हस्ताक्षर के रूप में ही दिया गया है।नई व्यवस्था से ये फायदा
कांबले के अनुसार इस नई व्यवस्था से रिपोर्ट पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी। कोई भी, कभी भी इस एप के जरिए इसे देख सकेगा। पारदर्शिता की स्थिति रहेगी। जिले में अगले महीने से इसी प्रक्रिया से निरीक्षण से जुड़ी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सेंपलिंग से जुड़ी जानकारी भी इसी तरह से फीड करने की योजना भी है।
हमें ट्रेनिंग मिल चुकी है, कुछ ही दिनों में सर्वर चालू हो जाएगा 
आगर-मालवा जिले के खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारी के.एल. कुंभकार के मुताबिक आगामी दिनों में खाद्य सामग्रियों की दुकानों पर ऑनलाइन कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से टेबलेट भी दिए गए हैं। इसकी ट्रेनिंग भी हमें दी जा चुकी है। टेबलेट में सर्वर नहीं आया है। कुछ दिनों में यह चालू हो जाएगा, उसके बाद कार्रवाई का दौर भी शुरू होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here