बरेली|(आर.सी.आनंद)मामला यूपी के बरेली से है,पहले धर्मपरिवर्तन फिर निकाह फिर तलाक़ फिर हलाला,फिर तलाक ये कहानी है रंजीत कौर से फातिमा नूरी बनी एक महिला की क्या है पूरा मामला देखिए इस रिपोर्ट में।
मीडिया के सामने अपनी कहानी बयां करती ये दिल्ली के राजा गार्डन की निवासी फातमा नूरी है,जो धर्मपरिवर्तन करने से पहले रंजीत कौर हुआ करती थी,दरअशल रंजीत कौर को इस्लाम की बातें पसंद आयीं और उसने 18 साल पहले दरगाह आला हजरत पर आकर इस्लाम कुबूल कर लिया और इसका नाम फातिमा नूरी रख दिया गया।इससे पहले फातिमा नूरी पूरनपुर से चेयरमैन भी रह चुकी है और समाजवादी पार्टी में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भी रह चुकी है,फातिमा के पहले से दो बच्चे भी हैं,फातिमा नूरी से जब धर्मपरिवर्तन से पहले की जिंदगी के बारे में बात की तो उसने मीडिया के सामने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।फातिमा इस्लाम कुबूल करने के बाद बरेली में ही रहने लगी,जहां उसका निकाह बरेली के सैलानी के रहने बाले हफ़ीज़ खान से हुआ कुछ सालों के बाद हफ़ीज़ ने फातिमा को तलाक दे दिया,तलाक़ के बाद हफ़ीज़ ने दोबारा उसे अपने साथ रखने को कहा इसके लिए उसका हलाला हुआ और हलाला के बाद उसका फिर तलाक़ हुआ और फिर हफ़ीज़ ने फातिमा से निकाह नहीं किया और अब उसे जान से मारने की धमकी मिल रही हैं।
फातिमा नूरी पीड़िता
 
 
फातिमा ने इस बाबत एक मुकदमा भी हफ़ीज़ के खिलाफ दर्ज कराया है जिसमे न्याय नहीं मिलता देख केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहिन समाज सेवी मेरा हक़ फाउंडेसन की अध्यक्ष फरहत नक़वी के पास पहुंची और फरहत नक़वी फातिमा को इंसाफ दिलाने के लिए उसे लेकर पीएम से मिलने की बात कह रहीं हैं।
फरहत नक़वी अध्यक्ष मेरा हक़ फाउंडेसन।
 
फिलहाल इस बाबत जब आलिमों से बात की तो उन्होंने साफ किया दरअशल निकाह के बाद तलाक का जो तरीका इख्तियार किया गया है वो गलत है तलाक एक बार मे देने के लिए इस्लाम की किसी किताब में नहीं लिखा है,और इसके बाद इस नियत से हलाला कराना कि इसके बाद फिर से उसी पत्नी से निकाह किया जाएगा ये भी गलत है।

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