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गांधीनगर। उना कांड के पीड़ित दलितों को नौकरी व जमीन देने को लेकर विधायक जिग्नेश मेवानी ने सरकार से सवाल किया है। निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी की ओर से पूछे गए एक सवाल के जवाब में गुजरात सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। गुजरात सरकार के मुताबिक, दो साल पहले गिर सोमनाथ जिले के उना में हमले का शिकार हुए दलितों को नौकरी या जमीन का वादा नहीं किया गया था।

आपको बता दें कि उना कांड से पूरे देश में इस पर राजनीति शुरू हो गई थी। बाद में चर्चा थी कि उना कांड के चार पीड़ितों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया है। साल 2016 में गुजरात के उना में कथित गोरक्षकों द्वारा दलितों की गई पिटाई का वीडियो सामने आया था।

विधायक मेवानी ने पूछा था कि क्या सरकार ने ये वादे पूरे किए। राज्य के सामाजिक न्याय व सशक्तिकरण मंत्री ईश्वर परमार ने अपने लिखित जवाब में कहा कि वादे लागू करने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता, क्योंकि ऐसी किसी घोषणा का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।

मेवानी यह जानना चाहते थे कि क्या राज्य की तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने जुलाई 2016 में मोटा समाधियाला गांव के अपने दौरे के दौरान पीड़ितों को सरकारी नौकरी या पांच एकड़ जमीन देने का वादा किया था।

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