कानपुर/देहात(विवके कुमार त्रिवेदी) जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार नकलविहीन परीक्षा और होनहारों की सुरक्षा का नारा लगाकर शिक्षा व्यवस्था ठीक करने का काम करने में लगी है वही सरकार का ये संकल्प शिक्षा विभाग के अधिकारियो की लापरवाही व मनमानी की भेंट चढ़ते दिख रहा है ऐसा ही एक मामला जनपद के कस्वा पुखराया में देखने को मिला जहां उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन के कार्य का सच सामने आया , जहा मूल्यांकन केंद्र के सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल और नियम कानून को तांक पर रख सरकार के मंसूबो की उड़ाई गई धज्जिया , उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन का कार्य शिक्षक की जगह शिक्षक का ड्राइवर करते दिखा लेकिन यह पूरा कारनामा जिला विद्यालय निरीक्षक की सांठगांठ के चलते और मूल्यांकन केंद्र प्रभारी की लापरवाही के चलते बदस्तूर जारी रहा | लेकिन इस मामले का विडिओ वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्यवाही की जगह पूरे मामले को रफा-दफा करते नजर आए जब पूरे मामले में मीडिया ने गहनता से शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा तो स्पष्ट हो गया कि अधिकारी कार्रवाई की जगह है मामले को रफा-दफा कर आरोपी शिक्षक को महज मूल्यांकन कार्य से हटाकर कार्रवाही का हवाला दे रहे है ,जब मीडिया ने जिला विद्यालय निरीक्षक से कड़े सवाल किये तो सहमे जिला विद्यालय निरीक्षक ने पुनः जांच कराकर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया |

पूरा मामला जनपद के कस्बा स्तिथ जीजीआईसी कॉलेज पुखरायां का है इस कॉलेज को शिक्षा विभाग के द्वारा मूल्यांकन केंद्र बनाया गया था जिसमें यूपी बोर्ड के हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की हुई परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य  कराया जा रहा था विभाग के नियमों के अनुसार मूल्यांकन केंद्र के अंदर ड्यूटी  पर तैनात  शिक्षक के अलावा  किसी भी  प्रकार के  बाहरी व्यक्ति का  सौ मीटर के अंदर  प्रवेश  वर्जित किया गया था लेकिन ड्यूटी पर तैनात शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी ही मूल्यांकन केंद्र की सुरक्षा के लिए बनाए गए मानक और नियमों की  यहां  धज्जियां उड़ाते दिखे मूल्यांकन केंद्र की हकीकत का खुलासा तब हुआ जब  मूल्यांकन केंद्र के अंदर एक शिक्षक ने  अपने ही ड्राइवर  से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराना  शुरू कर दिया  , ड्राइवर का वीडियो  वायरल होने के बाद  मूल्यांकन केंद्र में  हड़कंप मच गया  और वित्तविहीन शिक्षकों ने  हंगामा काटा  , मूल्यांकन केंद्र प्रभारी  व शिक्षा विभाग के अधिकारियों  ने  पूरे मामले को  दबाने का प्रयास करते हुए  गुनहगार शिक्षक व् ड्राइवर  को बचाते हुए  शिक्षक को महज मूल्यांकन केंद्र से हटाकर  मामला को  रफा-दफा कर दिया  | जबकि  शिक्षक के ड्राइवर का  वायरल वीडियो  देखने से  साफ स्पष्ट नजर आ रहा है  की  शिक्षक के ड्राइवर के द्वारा मूल्यांकन का कार्य  बड़े अच्छे तरीके से करवाया जा रहा है  लेकिन  शिक्षा विभाग के  अधिकारियों  की मिलीभगत के चलते हैं  मामले को  रफा-दफा किया गया |

जब पूरे मामले को लेकर मीडिया के द्वारा  जनपद के जिला विद्यालय निरीक्षक से  बात की गई  तो वह  पूरे मामले  को रफा-दफा करते नजर आए  और कड़ी कार्रवाई की जगह है  मूल्यांकन केंद्र से शिक्षक को हटाकर  बड़ी कार्रवाई  बताते नजर आए  , ऐसे में  साफ अंदाजा लगाया जा सकता है  कि यह लापरवाह  अधिकारी  अपनी लापरवाही  और सांठगांठ के चलते  सरकार के मंसूबों पर  पलीता लगाने का कार्य करने में लगे हैं

वही  देश का भविष्य कहे जाने वाले  छात्रों के भविष्य से  इन अधिकारियों की मनमानी के चलते  खिलवाड़ किया जा रहा है फिलहाल  जब मीडिया के द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक से  कड़े सवाल किए  तो उन्होंने  पुनः जांच कर  शिक्षक और शिक्षक ड्राइवर के खिलाफ  कार्यवाही करने का  आश्वासन दिया  अब देखना यह होगा  क्या कार्यवाही  वास्तविक होती है  या फिर कार्यवाही का हवाला दे कर मामले को ठंडे बस्ते में  डाल दिया जायेगा |

  रति वर्मा , ( प्रिंसिपल जीजीआईसी कालेज , प्रभारी मूल्यांकन केंद्र )   

 अरविन्द कुमार दिवेदी ( जिला विद्यालय निरीक्षक )

 

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