जिले मे बिहार सरकार द्वारा दहेज प्रथा और बाल बिवाह के खिलाफ आयोजित मानव श्रृंखला पूरी तरह फेल

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जमुई-जिले मे बिहार सरकार द्वारा दहेज प्रथा और बाल बिवाह के खिलाफ आयोजित मानव श्रृंखला पूरी तरह फेल साबित हुई । जिला और प्रखंड मुख्यालयों के सड़कों पर कुछ दुरी तक सिर्फ छिटपुट कतारें लगी पायी गयी । श्रृंखला में शामिल कतारबद्ध बच्चे-बच्चियां ,महिलाएँ और पुरुष से बात करने पर पता चला की उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है की किस लिए उन्हें सड़क के किनारे खड़ा किया गया है । कुछ जीविका से शामिल हुई महिलाओं ने बताया की हुमलोग सड़क जाम करने के लिए आये हैं । कई पुरुष ने बताया की मुझे खड़ा कर दिया तो हम खड़ा हो गए किसलिए खड़ा हुए है इसकी जानकारी मुझे नही है ।जानकरी रहे की पिछले साल शराबबंदी के खिलाफ आयोजित मानव श्रृंखला के बनिस्पत दहेज प्रथा और बाल बिवाह के खिलाफ आयोजित इस साल 21 जनवरी की मानव श्रृंखला लोगों के बीच जागरूकता फ़ैलाने में नाकाम साबित हुआ है। इक्के दुक्के बिद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाएं छात्र छात्राओं और जीविका की गिनी चुनी दीदियों से आयोजित मानव श्रृंखला कुछ कुछ दुरी पर ही सिमटी हुई पाई गयी ।बिहार मे बाल विवाह और दहेज़ प्रथा के बिरुद्ध इस बार चलाया गया कार्यक्रम मानव श्रृंखला जमुई में पूरी तरह से बिफल रहा|जिले के कई प्रखण्डों में शामिल कुछ लोग यह भी नहीं जान पाये की उन्हें लाइन में खड़ा क्यू किया गया हैं।इससे पहले 21 जनवरी 2017 को शराब बंदी में की गई मानव श्रृंखला में लोग जिस तरह सहयोग किये इस बार लोग उतने उत्सुक नहीं नजर आये|जिले के प्रखंडों में जितने लोगों की कतार पदधिकारिओं ने लगने की उम्मीद की थी उस उम्मीद में वो नाकामयाब रहे । कतार में सरकारी पदाधिकारी एंव कर्मचारी की तादाद ज्यादा दिखी । कुल मिलाकर देखा जाय तो सरकार द्वारा आयोजित दहेज प्रथा और बाल बिवाह को खत्म करने की जिस जागरूकता के उदेश्य से आयोजित की गयी वह सिर्फ वोट बैंक की राजनीती के रूप में सिमटकर रह गयी । समाज की सोच होनी चाहिए कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाज से बाहर निकाला जाए और यही सोच सूबे के मुखिया नीतीश कुमार की है जिसके लिए इस ऐतिहासिक मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया है उक्त बातें सुबह के गन्ना एवं उद्योग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री खुर्शीद आलम ने कही। उन्होंने आगे कहा कि अगर श्री नितीश कुमार के सपनों को साकार करते हुए इन कुरीतियों को बिहार से बाहर निकालने में सफल हो जाएं तो बिहार का पूरे देश में एक अलग स्थान होगा। उन्होंने कहा कि जो भी लोग मानव श्रृंखला में भाग लिया है इसके लिए वो बधाई के पात्र हैं। विदित हो कि सुबह के मुखिया नीतीश कुमार के आह्वान पर रविवार को दिन के 12 से 12:30 बजे तक मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया जिसमें जमुई मुख्यालय में लगभग 2 किलोमीटर तक मानव श्रृंखला देखी गई । मानव श्रृंखला में जिले के जिलाधिकारी डॉ कौशल किशोर पुलिस अधीक्षक जे. रेड्डी भाजपा जिला अध्यक्ष भाष्कर सिंह, जदयू जिलाध्यक्ष शिव शंकर चौधरी, लोजपा जिलाध्यक्ष  मोतीउल्लाह, रालोसपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सहित बड़ी संख्या में विभिन्न पार्टियों के नेता कार्यकर्ता सरकारी कर्मचारी विद्यालय के बच्चे और अभिभावक सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम की बिफलता के सवाल पर मंत्री झुंझलाए
वहीं जिले के कचहरी चौक पर  मानव श्रृंखला के मौके पर उपस्थित गन्ना उद्योग सह जमुई जिला प्रभारी मंत्री खुर्शीद अहमद से बात करने पर उनकी झुंझलाहट भरी बातों से कार्यक्रम की बिफलता स्पस्ट नजर आ रही थी। जब उनसे कहा गया की लम्बी कतारें कहीं नही है तो उलटे सिर्फ नसीहत भरी बातें करते नजर आये.कुंज बिहारी.

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