बिहार में गुटखा, खुली सिगरेट, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट व अवैध हुक्का बार पर पूर्ण प्रतिबंध है।

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पटना – स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार में गुटखा, खुली सिगरेट, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट व अवैध हुक्का बार पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसी का प्रतिफल है कि राज्यके 13 जिलों को धूम्रपानमुक्त घोषित किया जा चुका है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए धूम्रपानमुक्त 5 जिलों सहरसा, गोपालगंज, जहानाबाद, खगड़िया व मधुबनी को सम्मानित किया गया है। वहीं पटना, मुंगेर, कटिहार, किशनगंज व शेखपुरा जिला के छापामार दस्तों के दो-दो सदस्यों को भी अच्छे कार्य करनेके लिए सम्मानित किया गया है। वे गुरुवार को यहां विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर आयोजित कार्यशाला में सम्मान समारोह में पत्रकारों से बात कर रहे थे।- उन्होंने तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में सहयोग के लिए सीड्स व इसके कार्यकारी निदेशक दीपक मिश्रा को भी सम्मानित किया। अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने की। मौके पर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक लोकेश कुमार सिंह उपस्थित थे। – वक्ताओं ने कहा कि हर साल भारतमें तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों से 10 से 12 लाख लोगों की मौत हो रही है। कैंसर से मरने वाले 100 रोगियों में से 40 रोगी तंबाकू सेवन करने वाले होते हैं। 90 प्रतिशत मुंह का कैंसर तंबाकू सेवन से होता है। तंबाकू सेवन मुख, गला, फेफड़े, कंठ, मूत्राशय, गुर्दा आदि का कैंसर पैदा कर सकता है। हृदय और रक्त संबंधी बीमारियां,प्रजनन क्षमता में कमी, बांझपन जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। धूम्रपान करने वाले व्यक्ति की आयु धूम्रपान न करने वाले व्यक्ति की तुलना में 22 से 28प्रतिशत घट जाती है। फेफड़े का कैंसर होने का खतरा 20 से 25 गुना अधिक रहता है। वहीं अचानक मौत होने का खतरा 3 गुना अधिक रहता है। – प्रधान सचिव ने बताया कि राज्य में तंबाकू सेवन करने वालों का प्रतिशत 53.5 से घटकर25.9 पर आ गया है, जो राष्ट्रीयऔसत 28.6 से भी कम है। राज्य में तंबाकू सेवन करने वालों में27.9 की कमी यह दर्शाता है कि तंबाकू नियंत्रण की दिशा में सफल और सार्थक प्रयास किए गए हैं। जिलों में डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति का गठन किया गया है। तंबाकू नियंत्रण कानून (कोटपा-2003) के अनुपालन को गति प्रदान करने के लिए त्रिस्तरीय (जिला, अनुमंडल, प्रखंड) तंबाकू निरोधक छापामार दस्ते गठित हैं,जो लगातार काम करते हैं।डॉ.एए हई ने कहा-सामाजिक स्तर पर चले अभियान- पारस एचएमआरआई, पारस कैंसर सेंटर व कैंसर अवेयरनेस सोसायटी की ओर से विश्व कैसर निषेध दिवस मनाया गया। कैंसर अवेयरनेस सोसाइटी के राष्ट्रीयउपाध्यक्ष डाॅ. एए हई ने कहा कि तंबाकू का सेवन सिर से पांव तक को किसी न किसी बीमारी से जकड़ लेता है। महिला के पेट में पल रहे बच्चे पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ता है। सामाजिक स्तर पर इसके सेवन के खिलाफ अभियान चलाने की जरूरत है।- कैंसर अवेयरनेस सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष टीपी सिन्हाने तंबाकू सेवन के खिलाफ आशा औरएनसीसी कैडेटों से गांव-गांव व मोहल्लों में अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले 100 में 53 फीसदी लोग खैनी का सेवन करते थे, लेकिन अब यह 29 फीसदी पर आ गया है। पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल के सीनियर कैंसर विशेषज्ञ व कैंसर अवेयरनेस सोसाइटी के सचिव डाॅ. शेखर कुमार केसरी ने कहा कि कुछ मामलों में कैंसर अनुवांशिक भी होता है।- कार्यक्रम को गैस्ट्रो सर्जन और पारस एचएमआरआई अस्पताल के गैस्ट्रो सर्जरी के डाइरेक्टर डॉ. सी खंडेलवाल, सीनियर अंकों सर्जन डॉ. वीपी सिंह व स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टर नीलम सिन्हा ने भी संबोधित किया। कैंसर अवेयरनेस सोसाइटी के कोषाध्यक्ष एमएस सरला ने धन्यवाद ज्ञापन किया। रिपोर्टरपटना से गोपाल प्रसाद सिन्हा

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