2019 के चुनाव से पहले पीएम मोदी की जान को खतरा, बदली गई सुरक्षा गाइडलाइंस

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक का सबसे बड़ा खतरा बताकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को नई सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं। अब स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की क्लीयरेंस के बिना मंत्रियों और अधिकारियों सहित किसी भी शख्स को मोदी के नजदीक जाने की इजाजत नहीं होगी। एक अधिकारी के अनुसार गृह मंत्रालय ने कहा है कि 2019 के चुनाव से पहले मोदी सबसे बड़ा टारगेट हैं।
मंत्रालय ने एक पत्र में अज्ञात खतरे का जिक्र कर निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री की विशेष सुरक्षा के क्लीयरेंस के बिना कोई उनके पास नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ी क्लोज प्रोटेक्शन टीम (सीपीटी) को खतरे और नए सुरक्षा नियमों के बारे में अवगत करवा दिया गया है।
इन्हें निर्देश दिया गया है कि जरूरत पड़े तो मंत्रियों और अधिकारियों की भी तलाशी ली जाए। समझा जा रहा है कि एसपीजी ने मोदी को 2019 के आम चुनाव के सिलसिले में रोड शो घटाकर जनसभाएं ही करने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़, झारखंड, मप्र जैसे राज्य संवेदनशील:
एक अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल जैसे नक्सलवाद प्रभावित राज्यों को गृह मंत्रालय ने संवेदनशील घोषित किया है। इनके पुलिस प्रमुखों को अपने यहां प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान अतिरिक्त चौकसी बरतने को कहा गया है।
खतरे के आधार
राजीव की तरह हत्या की चिट्ठी मिली थी, सुरक्षा घेरा भी टूटा
1 पुणे पुलिस ने 7 जून को कोर्ट में कहा था कि नक्सलियों से संबंध के आरोप में गिरफ्तार 5 लोगों में एक के घर से मिली चिट्ठी में राजीव गांधी की तरह नरेंद्र मोदी की हत्या की योजना का जिक्र था।
2पिछले दिनों मोदी के प. बंगाल दौरे के दौरान एक शख्स पैर छूने के लिए सुरक्षा के छह घेरे तोड़कर उन तक पहुंच गया था।
इन घटनाओं के बाद मोदी की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह सचिव राजीव गौबा, आईबी प्रमुख राजीव के साथ बैठक की। पीएम की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

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