नवसृजित कृषिविज्ञान केन्द्र बरासिन मे वरिष्ठ वैज्ञानिक डा.रविप्रकाश मौर्य बने अध्यक्ष

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रिपोर्ट अमन वर्मा फैजाबाद मंडल हेड
    
सुल्तानपुर- नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्व विद्यालय कुमारगंज फैजाबाद द्वारा संचालित होने वाले नव सृजित कृषि विज्ञान केन्द्र बरासिन, कुड़वार सुलतानपुर की स्वीकृति भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से प्राप्त होेने के बाद विश्व विद्यालय प्रशासन ने डॉक्टर रवि प्रकाश मौर्य वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष के पद पर तैनाती दी है। डा.मौर्य ने कल विश्वविद्यालय में कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होने बताया कि इस केन्द्र का कार्य क्षेत्र जनपद के वल्दीराय, धनपतगंज, कूड़वार, दूबेपुर, भदैया, लम्भुआ एवं प्रतापपुर कमैंचा विकास खण्ड होगा।शेष विकास खण्ड कमला नेहरू कृषि विज्ञान केन्द्र के.एन.आई के कार्यक्षेत्र बने रहेंगे।

नये केन्द्र का मुख्य कार्य विभिन्न कृषि प्रणालियो के अन्तर्गत नई तकनीक का किसानों के खेत पर परीक्षण, किसानों के खेतो पर प्रथम पक्ति प्रदर्शनो का आयोजन के साथ किसानों, कृषक महिलाओ, नवयुवको एवं नवयुवतियो हेतु सम सामयिक एवं रोजगारपरक व्यसायिक प्रशिक्षण आयोजित करना होगा। प्रसार कार्यकर्ताओ हेतु प्रशिक्षण, उन्नतशील बीजो का केन्द्र प्रक्षेत्र पर उत्पादन, किसान मेला, किसान गोष्ठी, तकनीकी सप्ताह, प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन, किसानो की आय दोगुनी करने हेतु विभिन्न तकनीकियों का किसानो के बीच प्रचार प्रसार करना है।

केन्द्र को जिला प्रशासन ने उद्यान विभाग की 14.707 हैक्टयर जमीन उपलब्ध करायी गई है ।जिसमे एक हैक्टयर भूभाग पर प्रशासनिक भवन, किसान भवन, स्टाफ आवास का निर्माण होगा।शेष भूमि पर विभिन्न प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन इकाइयाँ ,बीज उत्पादन ,फसल केफ्टेरिया स्थापित होगी। जहॉ किसान “करके सीखे एवं सीख कर करे” के सिद्धान्त पर प्रशिक्षण प्राप्त करेगे। नवीनतम प्रजातियो बीज,फलदार पौधे आदि प्राप्त कर सकेगे। इससे पहले डा.मौर्य कृषि विज्ञान केन्द्र अम्बेडकर नगर मे कार्यरत रहें हैं।

ज्ञात हो कि डा.मौर्य ने सन् 1985 में रिसर्च एसोसिएट( कृषि रक्षा) /सह प्रशिक्षक के पद पर कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र सुल्तानपुर से सेवा प्रारंभ कर 1992 तक रहे।उसके बाद प्रिन्सिपल के पद पर के.वी.के कैमूर बिहार चले गये। सन्1998 मे असिस्टेन्ट प्रौफेसर के रूप मे नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधोगिक विश्व विधालय कुमारगंज फैजाबाद में आये, जहाँ पर विभिन्न पदो पर रहे और विश्वविद्यालय के चार के .वी. के. में हेड के रूप में कार्यरत रहे और इसके मैनडेट को पूरा किया। अब वे विश्वविद्यालय के मुख्यालय (कुमारगंज) से मात्र 32 किमी की दूरी पर स्थित नवसृजित केन्द्र बरासिन कुड़वार सुलतानपुर में तैनात हुए है।

डा.मौर्य की पत्नी डा .सुमन प्रसाद मौर्य अधिष्ठाता के पद पर गृहविज्ञान महाविद्यालय न.दे.कृ.एवं प्रौ. विश्वविधालय कुमारगंज में कार्यरत है। डा.मौर्य की सेवा में तीन वर्ष शेष है। सेवा का प्रारम्भ सुलतानपुर से किये अन्तिम पड़ाव में भी सुलतानपुर पहुँच गये।डॉ मौर्य ने बताया कि किसानों को सब प्रकार से प्रशिक्षित कर उनका उत्पादन बढ़वा कर उनके जीवन मे समृद्धि लाना हमारे जीवन का मकशद है।

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