NRC के विरोध के बाद ममता बनर्जी की पार्टी में ‘गृहयुद्ध’, TMC के दो नेताओ ने छोड़ी पार्टी

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नई दिल्ली: असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का विरोध करना पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को महंगा पड़ गया।  असम में टीएमसी के दो नेताओं ने बगावत करते हुए पार्टी छोड़ दी है। मीडिया से बातचीत के दौरान टीएमसी छोडऩे वाले नेता दिगंत सैकिया और प्रदीप पचोनी ने कहा कि ममता बनर्जी बिना किसी जानकारी के एनआरसी की निंदा कर रही है। उन्हें एनआरसी की वास्तविक सच्चाई पता नहीं है। दिगंत सैकिया ने कहा कि ममता बनर्जी जो कह रही हैं उसका असम की जमीनी सच्चाई के साथ कुछ लेना देना नहीं है।

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एनआरसी की वजह से देश में छिड़ जाएगा गृह युद्ध 
आपको बतां दे कि ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की कवायद राजनैतिक उद्देश्यों से की गई ताकि लोगों को बांटा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे देश में रक्तपात और गृह युद्ध छिड़ जाएगा। भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा था कि यह पार्टी देश को बांटने का प्रयास कर रही है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बनर्जी ने यहां एक सम्मेलन में कहा, च्च्एनआरसी राजनैतिक उद्देश्यों से किया जा रहा है। हम ऐसा होने नहीं देंगे। वे (भाजपा) लोगों को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। इस स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। देश में गृह युद्ध, रक्तपात हो जाएगा।

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 ममता के खिलाफ पुलिस में शिकायत 
वहीं एनआरसी के मसौदे को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कथित भड़काऊ बयान के लिए एक युवा नेता ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि असम जातीयतावादी युवा परिषद की केंद्रीय समिति के महासचिव सुदीप्त हजारिका ने उत्तर लखीमपुर सदर थाने में बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बनर्जी ने कल कहा था कि असम में एनआरसी से देश में ‘रक्तपात और गृहयुद्ध’ छिड़ सकता है। हजारिका ने अपनी शिकायत में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के खिलाफ जाकर ममता बनर्जी केंद्रीय गृह मंत्री से मिलकर एनआरसी प्रक्रिया को रोकने का पूरा प्रयास कर रही हैं। इस बात की आशंका है कि किसी भी समय अवांछित हालात पैदा हो सकते हैं। इसलिये, मैं आपसे (प्रभारी अधिकारी) से अपील करता हूं कि आप ममता बनर्जी के खिलाफ एक मामला दर्ज करें और जरूरी कार्रवाई करें।’’

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