राम को धर्म से जोड़ना सही नहीं: उपराष्ट्रपति

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लखनऊ(बशिष्ठ चौबे)

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने राम नाम को धर्म से ना जोड़ने का आह्वान करते हुए आज कहा कि भय, भ्रष्टाचार और भेदभाव से मुक्त शासन ही रामराज्य है और उसके निर्माण के लिये सभी को जाति और मजहब की राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होना पड़ेगा।

उपराष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के उद्घाटन अवसर पर कहा कि पूरी दुनिया अब भी भारत की तरफ देख रही है। इतना पुराना देश होने के बावजूद भारत ने कभी किसी पर हमला नहीं किया, क्योंकि हम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ में विश्वास रखते हैं। भारत में रहने वाले सभी लोग भाई हैं, चाहे उनका धर्म और पूजा पद्धति कुछ भी हो। जाति मजहब के आधार पर किसी पर हमला करना सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि हरेक विषय को मजहब की दृष्टि से नहीं देखना चाहिये। भगवान राम का नाम भी धर्म से नहीं जोड़ना चाहिये। मेरा कहना है कि सभी लोगों को राम को एक आदर्श व्यक्ति के रूप में देखना चाहिये।

नायडू ने कहा कि महात्मा गांधी ने रामराज्य की परिकल्पना की थी। जहां ना भय, ना भ्रष्टाचार और ना ही भेदभाव हो, वहीं रामराज्य है। उन्होंने कहा कि देश को तेजी से आगे बढ़ाने के लिये हमारे पास स्थिर सरकार और अच्छा माहौल है। हम सबको मिलकर काम करना चाहिये।

उपराष्ट्रपति नायडू ने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक यह सूबा आगे नहीं बढ़ेगा, तब तक देश भी प्रगति नहीं करेगा। देश के सामने जो चुनौतियां हैं, उनमें से कई तो उत्तर प्रदेश से जुड़ी हैं। जहां बिहार जैसे बीमारू राज्य आगे बढ़ रहे हैं, वैसे ही हम चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश भी आगे बढ़े।

उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा ‘‘एक कर्मठ योगी यानी योगी आदित्यनाथ आपके मुख्यमंत्री हैं।

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