ध्वस्त होने के कगार पर भारत नेपाल ‘मैत्री पुल’

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मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण विभाग के सचिव को भेजा मेल
भारत नेपाल ‘मैत्री पुल’ के रिनोवेशन मामले में डा. स्वयंभू शलभ की अपील के आलोक में माननीय मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण विभाग के सचिव को मेल भेजा है। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने मेल भेजकर दी है।
विदित है कि डा. शलभ ने इसकी तत्काल मरम्मत के लिए गत 1 जुलाई को प्रधान मंत्री, विदेश मंत्री, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, मुख्य मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री से ट्वीट एवं मेल के जरिये अपील की थी।
बदहाल पुल की तस्वीरों के साथ भेजे गए मेल में बताया गया था कि अंतरराष्ट्रीय महत्व का यह पुल देखभाल के अभाव में ध्वस्त होने के कगार पर है।  निर्माण के बाद से अब तक किसी विभाग ने इस पुल की सुध नहीं ली। इस बीच पीएमओ के निर्देश पर गत 31 मई को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग विभाग ने एनएचएआई और एनएच विंग को  निर्देश तो दिया परन्तु किसी विभाग ने जिम्मेदारी नहीं ली। मुख्यमंत्री द्वारा पथ निर्माण विभाग के सचिव को भी मेल भेजा गया। वह भी कार्यान्वित नहीं हो पाया।
इस बीच डा. शलभ ने इस कार्य को किसी अन्य एजेंसी को सौंप दिए जाने की मांग की ताकि बरसात के पूर्व इसका जीर्णोद्धार कार्य आरंभ हो सके।
बहरहाल बरसात शुरू होने के बाद पुल की हालत बद से बदतर हो गई है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यह उम्मीद जगी है कि तत्काल कोई कारगर कदम उठाया जाएगा और इस पुल की दशा बदलेगी।

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