गोलगप्पों पर बैन का क्या है सच?

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चंदू शर्मा
वडोदरा में पानी-पूरी को लेकर नगर निगम की कार्रवाई और एक ट्वीट के बाद पूरे राज्य में खबर फैल गई कि गोलगप्पों या पानी पूरी की बिक्री पर बैन लगा दिया गया है. क्विंट से बातचीत में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई भी बैन नहीं लगाया है, सिर्फ खराब और गंदे तरीके से पानी-पूरी बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. वडोदरा नगर निगम का दावा है कि उन्होंने ये कदम शहर में हैजा को फैलने से रोकने के लिए उठाया है.

पुराने शहर के कई इलाकों से पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले सामने आ रहे थे. हमारे फूड सेफ्टी अधिकारी ने आठ अलग-अलग टीमें बनाईं, जहां पर भी पानी पूरी का सामान खराब और गंदे तरीके से बनाया जा रहा था, उसे नष्ट किया जा रहा है.
मुकेश वैद्य, अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग , वडोदरा नगर पालिका
वडोदरा नगर निगम के जरिए स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस छापेमारी में खराब आटा, तेल, सड़े-गले आलू-चना जब्त किए जिनका इस्तेमाल पानी-पूरी बनाने और बेचने में किया जा रहा था.
दरअसल, जुलाई में भारी बारिश के बाद वडोदरा में कई लोगों ने पेट से जुड़ी बीमारी की शिकायत की थी. इसके बाद प्रशासन ने सख्त से कदम उठाते हुए ये कार्रवाई की. हालांकि, स्टॉल लगाने वालों का आरोप है कि निगम के कर्मचारियों ने उनके सही सामान को भी नष्ट कर दिया.
मेरे पास घर में आलू की तीन बोरियां रखी हैं, अच्छी वाली. जांच करने आए लोगों ने खराब आलू के साथ अच्छे वालों की बोरी भी फेंक दी.
रमेशभाई पटेल, दुकानदार
चाटवालों के लिए वडोदरा में पानी-पूरी उनके बिजनेस का एक बड़ा हिस्सा है. कई इलाकों में दुकानें खुली हैं और लोग वहां गोल गप्पे खाने के लिए पहुंच रहे हैं.

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