व्यापार मंडल की बैठक पुलिस उपाधीक्षक एस के राय की अध्यक्षता एवं प्रभारी निरीक्षक अक्षय कुमार सिंह की उपस्थिति में आयोजित हुई

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बाराबंकी सन्दीप तिवारी

● रामसनेहीघाट ।स्थानीय कोतवाली पर आज व्यापार मंडल की बैठक पुलिस उपाधीक्षक एस के राय की अध्यक्षता एवं प्रभारी निरीक्षक अक्षय कुमार सिंह की उपस्थिति में आयोजित हुई सरकार के मानसा अनुरूप कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के तहत क्षेत्र के समस्त व्यापारियों को अवगत कराया गया कि किन्ही स्थितियों में पुलिस प्रशासन से मदद लेकर संदिग्ध गलत लोगों को कानून के दायरे में लाया जाए और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रहे।

● पदार्थो की तस्करी के मामले मे टेरा टिकरा अपने आप मे बेताब बादशाह कहा जाता था वही आज कोतवाली रामसनेहीघाट क्षेत्र का छोटा सा कस्बा कोटवासडक उसे भी मात देते हुऐ मिनी दुबई का स्थान ले चुका हैं जहाँ एक और नशेढ़ी आज मौत के गाल में समा गया हैं जिस का नाम पप्पू वर्मा आयु 35 वर्ष ग्राम खेदिया पुर थाना पटरंगा जिला फैजाबाद पेंट शर्ट पहने शव कोटवा सड़क में बरामद हुआ जिस की शिनाख्त हो गयी है चौकी हथौधा प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कराकर विच्छेन के लिये भेजवा दिये हैं ,इस कस्बे मे मार्फिन अफीम हीरोइन अल्कोहल अवैध शराब की तिजारत धडल्ले से किये जाने की चर्चा आम बात हो गई है।यही नही अब तक दर्जनो नशेड़ियों की मौत हो चुकी है ।जिनके बारे मे पुलिस जान ही नही जान पाई कि इनकी मौते किस कारण हुई है। यहाँ पर इस धन्धे पर अंकुश लगा पाने मे नारकोटिक्स एवं मुकामी पुलिस इन मौत सौदागरो के सामने बौनी सावित हो रही है। मालूम हो कि जनपद बाराबंकी मे ऐसे तीर्थ स्थान है ।जहां पर अन्य प्रदेशो से लोग आकर अपनी मुरादे पूरी करने के लिए अनुनय विनय करते है इस जनपद मे महादेवा कोटवाधाम जगजीवन साहेब पारिजात वृक्ष बाबा रामसनेही दास कुन्तेश्वर आदि ऐसे देव स्थान है।और इस जनपद की पावन धरती पर कोतवाली रामसनेहीघाट क्षेत्र के कोटवासडक कस्बे मे मादक पदार्थो का गोरखपुर धंधा किये जाने की बात कही जा रही है यहाँ पर अपराधो पर नियंत्रण रखने हेतु जिला प्रशासन द्वारा खोली गई हथौधा चौकी सफेद हाथी साबित हो रही है इसके खुलने के बाद भी यह धंधा धडल्ले से चल रहा है ।ऐसा नही कहा जाता कि कभी कभार पुलिस इन नशा तिजारितियो के यहा छापेमारी नही करती है लेकिन सफेदपोश मेन नशा तिजारितियो पर हाथ ना डालकर करियर को पकड़कर सौ पच्चास ग्राम मार्फिन या अफीम दिखाकर जेल के हवाले करके अपने ही हाथ अपनी पीठ थपथपाकर वाह वाही लूट लेती है और जिस पुलिस कर्मी ने इन मौत के सौदागरो पर रोक लगाने की कोशिश की उसे अपनी लम्बी पहुंच रखने वाले लोगो ने यहाँ पर टिकने नही दिया गया ।इस कस्बे मे मार्फिन पीने वालो की आमद हमेशा बनी रहती ।सूत्रो कि माने तो सभी के साथ किशोर अवस्था के बच्चे से लेकर कुछ महिलाए भी मार्फिन की पुडिया बेचने मे मशगूल रहती है जिन्हे पुलिस प्रशासन गोपनीय ढंग से देख सकता है।यहाँ तक की नशा तिजारत की इस बीमारी मे कुछ कुछ लाइन ढाबे भी अछूते नही कहे जा सकते है ।यहा पर कुछ ढाबे ऐसे संचालित है जहां रोटी दाल की मे अफीम और मार्फिन की बिक्री किये जाने की बात कही जा रही है । सूत्रो एवं जन चर्चा की माने तो नारकोटिक्स एवं पुलिस विभाग को हर माह एक मोटी रकम इन मौत सौदागरो से मिलती है इसी कारण से नशा तिजारत बेखौफ अपना गोरखधंधा चला रहे है आश्चर्य तो इस बात का है कि अब तक कोटवासडक से लेकर आसपास करीब दो दर्जन से अधिक संदिग्ध मौते हो चुकी है जिनका खुलासा स्थानीय पुलिस नही कर सकी है कि संदिग्ध मौते मार्फिन पीकर हुई है या अन्य कारणो से अगर इस कोटवासडक कस्बे मे फैले मादक पदार्थो के कारोबार पर ध्यान दिया जाए तो लगभग डेढ दशक पहले कोटवासडक मे पौधे ने जन्म लिया था ।जिसे नारकोटिक्स विभाग एवं पुलिस विभाग उखाड़ने के बजाये समय समय पर सीचता रहा जो आज एक विशाल काय वृछ बन चुका है।

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