जाम लगाकर जताया महिला थाना की कार्यप्रणाली पर रोष

0
61

रेवाड़ी (आकाश सोनी): गांव फीदेड़ी की कुछ महिलाओं ने नेशनल हाईवे नंबर 71 (नया नाम 352) के फ्लाईओवर के निकट जाम लगाकर महिला थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जाम लगा रही महिलाओं का कहना था कि उनके गांव की बेटी को उनके ससुराल कापड़ीवास गांव में परेशान किया जा रहा है और महिला पुलिस उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रही।

हालांकि जाम अधिक देर तक नहीं रहा, लेकिन जाम लगा रही महिलाओं में इस बात का गहरा रोष था कि महिलाओं के लिए खोला गया थाना महिलाओं की ही बात नहीं सुन रहा है, लेकिन पुलिस का यह कहना है कि जाम लगाने वाली महिलाओं में शामिल जिस महिला के पक्ष में कुछ महिलाएं जाम लगा रही थी, उस महिला के खिलाफ उनकी सास ने 23 जनवरी को 1091 नंबर पर फोन करके हेल्प मांगी थी। सास ने जिस महिला के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी, उस महिला ने बाद में महिला थाना पहुंचकर अपनी सास पर ही मारपीट करने व अपने देवर पर गलत हरकत करने का आरोप लगाया था।

इधर जाम लगा रही महिलाओं ने कहा कि पुलिस पीड़ित पक्ष की मदद करने की बजाय दूसरे पक्ष से सुविधा शुल्क लेकर चुपचाप बैठ गई। जाम लगा रही महिलाओं में शामिल एक पीड़ित महिला ने रोते हुए कहा कि मेरा ससुराल कापड़ीवास में है। मेरे पति की 13 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। मै जब भी ससुराल जाती हूं तो मुझे घर में घुसने नहीं दिया जाता। बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता है। मेरी ¨जदगी नरक बनी हुई है और महिला पुलिस हमारी बात नहीं सुन रही है। आरोपियों के खिलाफ आज तक एफआइआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस आरोपियों से साजबाज है।

इस मामले की जांच अधिकारी एएसआइ अमनेश का कहना है कि छेड़छाड़ व गलत हरकत के आरोप सही नहीं पाए गए थे जबकि मारपीट के मामले में एक्सरे आदि करवाकर हमने अपनी रिपोर्ट धारूहेड़ा थाने को भेज दी थी। जाम लगाकर महिला पुलिस थाने के खिलाफ आरोप लगाना उनके लिए आश्चर्यजनक है।

 

महिला पुलिस थाना की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी रही है। कहीं पर किसी तरह की कोताही नहीं बरती गई। न तो सुविधा शुल्क लेने के आरोप सही है व न ही

पुलिस पर सहयोग नहीं करने के आरोपों में दम है। पहले सास की ओर से महिला हेल्प लाइन पर शिकायत आई थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए धारूहेड़ा पुलिस को घटनास्थल पर भेजा गया था, लेकिन कुछ समय बाद सास ने जिस बहू पर आरोप लगाया था वह महिला थाने आ गई। हमने आरोपों की जांच की थी। जांच के बाद ही यह मामला धारूहेड़ा थाने को भेज दिया गया था।

सरोज बाला, एसएचओ

महिला पुलिस स्टेशन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here