3 महीने की मशक्कत, 70 अधिकारियों की मेहनत से तैयार होता है ‘बजट’, खुफिया एजेंसियां रखती हैं नज

0
101
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश कर दिया है। मोदी सरकार के कार्यकाल का यह अंतिम पूर्ण बजट जबकि ऐतिहासिक वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के बाद यह पहला आम बजट है।
यह दूसरा मौका है जब आम बजट को फरवरी में पेश किया गया, इससे पहले बजट 28 फरवरी को पेश किया गया था। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी वित्त मंत्री ने रेल बजट और आम बजट साथ में ही पेश किया है।
अगर हम बजट की तैयारी बात करें तो इसकी प्रक्रिया सितंबर में ही शुरु हो जाती है। वैसे तो बजट को शुरु से ही गोपनीय रखा जाता है लेकिन नवंबर महीने से गोपनीयता और बढ़ा दी जाती है। नार्थ ब्लॉक में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगा दी जाती है। खुफिया एजेंसियां पल-पल की खबर के लिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखती हैं। जो अधिकारी बजट प्रक्रिया से जुड़े होते हैं उनके दफ्तर के इंटरनेट कनेक्शन काट दिये जाते हैं। नार्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय के बजट डिवीजन में वार रूम की तरह गोपनीयता बरती जाती है।बजट पेश होने से तीन सप्ताह पूर्व 60 से 70 कर्मचारियों को नॉर्थ ब्लॉक में बेसमेंट भेज दिया जाता है जहां छपाई की दो मशीनें लगी हैं। उनका बाहरी दुनिया से कोई कनेक्शन नहीं होता। प्रिटिंग प्रैस में काम करने वाले कर्मचारियों के पास जो भी चीज बाहर से जाती है वह बाहर नहीं आती। ये कर्मचारी संसद में बजट पेश होने के बाद ही बाहर आते हैं। इन लोगों का काम बजट की छपाई, प्रूफ रीडिंग, अनुवाद और वाइंडिंग करना होता है। बजट की तीन हजार से ज्यादा प्रतियां छापी जाती हैं।नवंबर के तीसरे सप्ताह तक विभिन्न मंत्रालयों के व्यय तय कर दिये जाते हैं। इसी के साथ वित्त मंत्रालय अगले वित्त वर्ष के दौरान प्राप्त होने वाले राजस्व तथा बाजार से उठायी जाने वाली उधारियों का अनुमान भी लगा लेता है। जनवरी के पहले सप्ताह तक कर राजस्व का अनुमान लगाया जाता है और जनवरी के अंत तक सब्सिडी तथा रक्षा बजट तय किया जाता है।बजट के दो दिन पहले प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो के अधिकारी वित्त मंत्री का बजट भाषण तैयार करते हैं। इस टीम में सरकार की पब्लिक रिलेशन विंग और प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो के 20 अधिकारी शामिल होते हैं। ये अधिकारी हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में प्रेस रिलीज़ तैयार करते हैं। इसके अलावा जब तक वित्त मंत्री पूरे भाषण को पढ़ नहीं लेते तब तक इस अधिकारीयों को जानें की अनुमति नहीं दी जाती।यहां तक की संसद में भी बजट पेश करने से पहले 10 मिनट पहले ही बजट की कॉपी दी जाती है। इतना ही नहीं वित्त मंत्री इस भाषण को अपने घर नहीं ले जा सकते। उन्हें यह पूरी गोपनीयता के साथ नार्थ ब्लॉक में ही रखना होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here