रीवा एमपीजेएस न्यूज संजय गांधी हॉस्पिटल में मरीजो का इलाज कराना मुश्किल रात से पहले रिकार्ड की फ़ोटो कॉपी हो नही तो रात में संजय गांधी होस्टल में नही होगा इलाज

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रीवा जिले के माने जाने वाले हॉस्पिटल में आज जब मीडिया की टीम गम्भीर बच्चा वार्ड में गए तो देखे की कुछ मरीज बच्चों के लिए बेड थे लेकीन और मरीज बच्चों के परिजन अपने मरीज बच्चों को जमीन पर लेटा रखे थे पूछने पर बोले कि आप के बच्चे के लिए स्पेसल बेड नही मगवाऊंगा जहाँ बाहर मरीज बच्चों को रखा गया था वहाँ नतो डॉक्टर का पता था नही नर्स का
जब कि मेडिकल कॉलेज होने के कारण मध्यप्रदेश सरकार पर्याप्त मात्रा में बजट दे रही हैं लेकिन क्या बजट का उपयोग संजय गांधी हॉस्पिटल में कागज में हो रहा है
ये तो सोचने की बात है
एक अत्यंत गम्भीर मरीज जिसे तत्काल इलाज की जरुरत थी लेकिन पर्ची काटने वाले ने मरीज के परिजनों को इधर से उधर दौड़ा रहा था तभी कभरेज करते मीडिया के लोगो से गम्भीर मरीज के परिजनों की मुलाकात हुई तो मीडिया से मरीज के परिजनों ने बताया कि मैं बहुत दूर से आया हूँ मेरी ओटीपी पर्ची नही काट रहे अगर मेरे पेसेंट का तत्काल इलाज नही चालू होता तो पता नही मेरा पेसेंट
बचता भी है कि नही

पर्ची काउंटर में जा कर अपना मीडिया कर्मी ने पूछा कि आप पर्ची क्यो नही काट रहे हो तो बोला कि रासन कार्ड की फ़ोटो कॉपी नही लाये हैं कैसे काट दू तब मीडिया के लोगों ने कहा कि आप ये बताओ कि रात 2बजे कौन सी फोटो कॉपी की दुकान खुली होगी और अगर खुली है तो बताओ मैं जाकर करबा रहा हूँ

मीडिया के लोगों ने मरीज के परिजनों के साथ सम्बंधित डॉक्टर से जाकर पूछा तो डाक्टरो का कहना था कि पर्ची काटने वाला ऐसे ही करता है,इसकी कईबार शिकायत भी हो चुकी है,लेकिन कोई कार्यवाही नही होती
जब मीडिया के लोगों ने बोला कि मैं बी एम ओ से बात करता हूँ,तो तत्काल गरीब परिवार का कार्ड रख कर पर्ची काटा
इसके बाद मरीज का परिवार इलाज कराना चालू किया और मीडिया का आभार व्यक्त किया।
गाड़ी पार्किंग ठेकेदार की भी खूब चली रात में दादा गीरी
वहीं एक व्यक्ति अपनी मोटरसाइकिल से एक अत्यंत गम्भीर दो साल के बच्चे का इलाज कराने संजय गांधी हॉस्पिटल लाया तो वहाँ के ठेकेदर ने गंभीर बच्चे के परिजनों से की अभद्रता और गाली गलौज बच्चा इतना सीरियस था कि परिजनों को डॉक्टर के पास पहुचना जरूरी था इस कारण ठेकेदार से कोई बात नही किये बाद में अपना दर्द मीडिया से बयान किया लोगो का कहना था कि रात में मौत को अगर गले लगाना हो तो संजय गांधी हॉस्पिटल लेकर आना इस प्रकार के बयान से मेडिकल विभाग की पोल खोल कर रख दी।

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