बिहार मे डबल इंजन की नहीं,सिंगल इंजन की है सरकार।शरद यादव

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नेशनल डिप्टी ब्यूरो चीफ पंकज कुमार
अररिया उपचुनाव को लेकर सीमांचल की राजनीति भी तेज हो गई है. महागठबंधन के नेता शरद यादव ने पूर्णिया में संवाददाता सम्मेलन में कहा की बिहार जनता के भरोसे चल रही है न कि सरकार के भरोसे. बिहार में दोनों डबल इंजन फेल हो गया है. बिना इंजन के चल रहा है बिहार. आज यहाँ की जनता ने महागठबंधन को एक बड़ा जनादेश देकर जिताया था, लेकिन राज्य सरकार केन्द्र सरकार के बहकावे में आकर जनता को धोखा देने का काम किया है. जनता 2019 में नीतीश सरकार को सबक सिखायेगी. देश की जनता इस सरकार से परेशान है, लेकिन उससे पूर्व उपचुनाव में अररिया की जनता तय करेगी. आने वाला चुनाव में किसकी सरकार बनेगी ।उन्‍होंने कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है, अल्‍पसंख्‍यकों पर हमले हो रहे हैं तथा लव जिहाद के नाम पर समुदायों में कटुता पैदा की जा रही है. गाय के नाम पर हत्‍याएं हो रही है. शरद ने कहा कि देश के धर्मनिरपेक्ष स्‍वरूप पर आघात पहुंचाया जा रहा है. संविधान को कमजोर करने की कोशिश जारी है. लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में पड़ गईं है. जिसका उदाहरण त्रिपुरा में देखने को मिल रहा है, वहाँ बीजेपी के लोग लेलिन की मूर्ति को तोड़ रहे है. बीजेपी अपने ही देश मे एक नया देश बनाने पे तुले है।
घर -घर होती है शराब की होम डिलवरी
शरद यादव ने कहा शराबबन्दी का फैसला नीतीश ने खुद लिया था. उस वक्त मुझे भी यह बात अच्छी लगी थी, लेकिन आज इसका परिणाम देखकर डर लग रहा है. सिर्फ गरीब ही पिसा रहा है. पूरे देश में शराबबन्दी हो तभी यह फैसला सही होगा. उन्होंने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है तो पूरे भारत में शराबबंदी लागू करें. बिहार के आसपास सभी राज्यों में शराब की छूट है. इनलोगों ने बिहार को आयरलैंड बना दिया है
शराबबंदी के बाद महंगे दामों पर शराब की होम डिलवरी हो रही है. जेल में जो भी है वे बिहार के दलित और गरीब जनता है. उन्होंने गुलाबबाग बाजार समिति के बदहाली की भी चर्चा की.  इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सदस्य अली अनवर, राजद विधायक नीरज कुमार, शरद गुट के जिलाध्यक्ष निरंजन कुशवाहा, वरिष्ठ नेता नवीन कुशवाहा, प्रदेश सचिव अमोद मंडल आदि शामिल थे.
हमारी सरकार बनी तो मजीठिया आयोग की सिफारिश लागू होगी
पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर ने कहा कि बिहार में प्रेस को स्वतंत्रता नही है. प्रेस पूंजीपतियों के चंगुल में है. जो अच्छे पत्रकार हैं वे लिखना भी चाहते है तो ऊपरी दबाब के कारण लिख नही पाते है. महागठबंधन के नेता शरद यादव ने भी पत्रकारिता में हो रही गिरावट पर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि अगर हमारी सरकार बनी तो निश्चित तौर पर मजीठिया आयोग की शिफारिश को लागू करेंगे.

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