मुंबई: मंत्रालय में 3 लाख 19 हजार चूहे मारे गए ?

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NTVTIME / चंदू शर्मा

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से की एक आरटीआई में खुलासा हुआ है कि महाराष्ट्र सचिवालय में 7 दिन में 3 लाख 19 हजार चूहे मारे गए. इस हिसाब से एक मिनट में 34 और एक दिन में करीबन 45 हजार चूहे मारे गए. दरअसल, मंत्रालय में चूहे मारने का टेंडर जिस कंपनी को दिया गया था उसने ये दावा किया है.

लेकिन, इस पर खड़से ने सरकार पर चूहे घोटाले का आरोप लगा दिया है. विपक्ष को भी लगे हाथ सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है. अब इस मामले को लेकर सरकार ने उचित जांच कराने का भरोसा दिया है.

अभी तक अनाज, रुपयों से लेकर अन्य घोटाले सामने आये होंगे लेकिन महाराष्ट्र में चूहों को मारने का घोटाला सामने आया है। जिसके बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गयी है। यहां तक की अपनी ही सरकार पर खुद भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने मोर्चा खोल दिया है। इतना ही नहीं भाजपा नेता ने कहा कि इसके लिए पैसे देने की क्या जरुरत थी जबकि चूहों को बिल्ली ही खा जाती और काम फ्री में हो जाता। भाजपा नेता ने कहा इसमें कुछ गड़बड़ नजर आ रही है जिसकी जांच होनी चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये घोटाला मंत्रालय द्वारा चूहों को मारने के लिए एक कंपनी को दिए गए ठेके से जुड़ा है। महाराष्ट्र में चूहे मारने का काम मंत्रालय ने एक कंपनी को दिया था। अब सामने आ रहा है कि इस कंपनी ने सात दिन में ही 319400 चूहें मार दिए हैं। गुरुवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता व महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्रालय के रख-रखाव की जिम्मेदारी प्रशासन के पास है और इसके प्रमुख मुख्यमंत्री हैं। खडसे ने इस मामले को घोटाला बताया और साथ ही इसकी जांच की मांग भी की।

खड़से ने विधानसभा में कहा कि 3,19,400 चूहों को मारने के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया गया था, उस कंपनी ने केवल 7 दिनों में ही तीन लाख से ज्यादा चूहें कैसे मार दिए। खडसे ने आगे कहा कि बीएमसी दो साल में छह लाख चूहे ही मारती है और मंत्रालय ने मात्र सात दिन में तीन लाख से ज्यादा चूहे मार दिए। 2016 में एक निजी कंपनी को दिए ठेके की शर्तों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 6 महीने में मंत्रालय के चूहे खत्म करने थे लेकिन यह काम महज 7 दिन में निपटा दिया गया। यह कारनामा कैसे हुआ इसकी जांच होनी चाहिए।

अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब है कि एक दिन में 45,628,57 चूहे मारे गए। इसका मतलब यह भी है कि कंपनी ने हर मिनट 31,68 चूहे मारे। इनका वजन करीब 9,125.71 किलो होगा और मरे हुए चूहों को मंत्रालय से ले जाने के लिए रोजाना एक ट्रक की जरूरत पड़ी होगी। वहीं यह भी नहीं पता कि उन्हें कहां फेंका गया।

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