हिंगलाज शक्ति पीठ/ पाकिस्तान में है मुख्य मंदिर, भारत में महंत को कन्या रूप में हुए थे दर्शन तो यहां कराई स्थापना

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हिंगलाज शक्ति पीठ/ पाकिस्तान में है मुख्य मंदिर, भारत में महंत को कन्या रूप में हुए थे दर्शन तो यहां कराई स्थापना

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पाकिस्तान में है मुख्य मंदिर, भारत में महंत को कन्या रूप में हुए थे दर्शन तो यहां कराई स्थापना
रायसेन/बाड़ी। माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ पाकिस्तान के कब्जे वाले बलूचिस्तान में स्थित है। इस मंदिर का नाम है माता हिंगलाज। बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज शक्तिपीठ की प्रतिरूप देवी की प्रतिमा रायसेन जिले के बाड़ी नगर में विराजमान हैं। समय के साथ इस मंदिर की प्रसद्धी इतनी बढ़ गई कि जो लोग पाकिस्तान जाकर मां हिंगलाज के दर्शन करने नहीं जा सकते वो य़हां माता के दरबार में मत्था टेकने आते हैं। 
इस शक्ति पीठ में होने वाले चमत्कारों से क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति अनजान नहीं है। इसकी ख्याति दूर-दूर तक होने से यहां वर्ष भर मेले जैसा माहौल रहता है। नवरात्रि के दौरान तो यहां पर नौ दिनों तक शक्ति की उपासना का विशेष आयोजन होता है।
16वी सदी में ज्योति स्थापित इस प्राचीन मंदिर के विषय में बुजुर्ग बताते हैं कि 16वीं सदी में खाकी अखाड़ा के महंत भगवानदास जी महाराज को मां हिंगलाज देवी के दर्शन करने की इच्छा मन में हुई। महंत संत भगवान दास महाराज भगवान राम के भक्त थे। महंत की लगन और श्रृद्घा को देखते हुए मां ने उन्हें कन्या के रूप में दर्शन दिए। 
घनघोर जंगल में पत्तों की आवाज सुनकर संत ने नेत्र खोले तो अपने पास कन्या को देखकर आश्चर्य चकित रह गए । पल मात्र में ही संत का ज्ञान जागृत हुआ और कन्या के चरण पकड़ लिए। मां ने अपने भक्त से मुझे पाने की इच्छा पूछी तो तपस्वी संत ने जनकल्याण के लिए मां से आशीर्वाद मांगा। तब मां ने जमीन से कंडी उठाकर उसमें अग्नि प्रकट की और संत के हाथ में थमा दी और मूर्ति स्थापित कर पूजन की आज्ञा दे दी।
संत भगवान दास महाराज मां हिंगलाज को हाथी गेट के अंदर मंदिर परिसर में स्थापित करना चाहते थे, लेकिन गेट के बाहर ही कंडी गिर जाने से मां की ममता मई मूर्ति की स्थापना कर दी। अब वहां भव्य मंदिर ने आकार ले लिया है।

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