लंदन से सिडनी की 17 हजार किमी की दूरी 4 घंटे में पूरी होगी, 2030 तक हाइपरसोनिक विमान उतारने की तैयारी

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लंदन से सिडनी की 17 हजार किमी की दूरी 4 घंटे में पूरी होगी, 2030 तक हाइपरसोनिक विमान उतारने की तैयारी

लंदन. ब्रिटेन के लंदन से सिडनी की दूरी करीब 17 हजार किलोमीटर है। आमतौर पर विमान से वहां जाने में करीब 22 से 25 घंटे लगते हैं। लेकिन, 2030 तक यह दूरी केवल चार घंटे में पूरी की जा सकेगी। इसके लिए ब्रिटेन हाइपरसोनिक विमान की शुरुआत करने में जुटा है। इसके लिए ब्रिटिश स्पेस एजेंसी ऑस्ट्रेलिया की एजेंसी के साथ मिलकर काम कर रही है। हाइपरसोनिक विमान को लेकर दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ है, जिसे ‘वर्ल्ड फर्स्ट स्पेस ब्रीज’ नाम दिया गया है।

एसएबीआरई इंजन की गति मैक 5 से ज्यादा

  1. हाइपरसोनिक विमान का इंजन सिनर्जेटिक एयर-ब्रेथिंग रॉकेट इंजन (एसएबीआरई) पर आधारित है। एसएबीआरई इंजन की गति मैक 5 (ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा) से ज्यादा होती है, जबकि वायुमंडल के बाहर इसकी गति मैक 25 तक पहुंच सकती है।

  2. ब्रिटिश स्पेस एजेंसी के प्रमुख ग्राहम टर्नाक ने कहा कि एसएबीआरई रॉकेट इंजन के लगे होने से हम चार घंटे में ऑस्ट्रेलिया पहुंच सकेंगे। यह बेहद उन्नत तकनीक है। 2030 तक हम विमान का परिचालन शुरू कर पाएंगे।

  3. 2003 में बंद हुए कॉनकोर्ड सुपरसोनिक विमान की गति से इसकी स्पीड 50% ज्यादा होगी। कॉनकोर्ड विमान 21 जनवरी 1976 को पहली बार लंदन से पेरिस के बीच उड़ान भरी थी। यह करीब 3.5 घंटे में लंदन से पेरिस पहुंच जाता था।

  4. विशेषज्ञों के मुताबिक, विमान की गति तेज होने के कारण इंजन से बहने वाली हवा का तापमान ज्यादा हो सकता है, जो नुकसान का कारण बन सकती है। इस साल अप्रैल में एक प्री-कूलर का भी सफल परीक्षण किया गया था। यह सेकंड के 20 हिस्से से भी कम समय में 1000° सेल्सियस से ज्यादा तापमान तक के गैसों को ठंडा कर सकता है। 

  5. हाइपरसोनिक विमान की स्पीड मैक 5 से ज्यादा होती है। जबकि सुपरसोनिक विमानों की गति मैक 1 से ज्यादा और मैक 5 के नीचे होती है। वहीं, जिन विमानों रफ्तार ध्वनि की गति से कम हो, वे सबसोनिक विमान होते हैं। यात्री विमान इसी श्रेणी में आते हैं।

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