मोदी से मुलाकात के बाद ममता ने कहा- प्रधानमंत्री ने दिल्ली पहुंचकर सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर चर्चा की बात कही

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मोदी से मुलाकात के बाद ममता ने कहा- प्रधानमंत्री ने दिल्ली पहुंचकर सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर चर्चा की बात कही

प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार बंगाल पहुंचे। शाम करीब 5 बजे ममता बनर्जी मोदी से मिलीं। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी को वापस लेने की मांग की। ममता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिल्ली पहुंचकर दोनों मुद्दों पर चर्चा का आश्वासन दिया। इसके बाद वे तृणमूल छात्र परिषद के धरने में शामिल हुईं। कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के 150वीं वर्षगांठ समारोह में मोदी और ममता रात 8 बजे एक बार फिर मंच पर साथ नजर आए। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री यहां से दोबारा छात्रों के धरने में पहुंच गईं।

कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के कार्यक्रम के बाद ममता बनर्जी ने जाधवपुर यूनिवर्सिटी और तृणमूल से जुड़े छात्रों को संबोधित करते हुए कहा- मुझे कई कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया था। लेकिन मैं संवैधानिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए सिर्फ एक कार्यक्रम में गई। मैं प्रधानमंत्री से कह चुकी हूं कि हम सीएए और एनआरसी के खिलाफ हैं।

इससे पहले मोदी ने कोलकाता में नवीनीकरण के बाद 4 ऐतिहासिक इमारतों का लोकार्पण किया। उन्होंने ओल्ड करंसी बिल्डिंग, बेलवेडर हाउस, मेटकाफ हाउस और विक्टोरिया मेमोरियल हॉल को बंगाल की संस्कृति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, ''हम भारत के सांस्कृतिक सामर्थ्य को हेरिटेज टूरिज्म का जरिया बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे रोजगार के अवसर बनेंगे। सरकार पहले चरण में कोलकाला, वाराणसी, अहमदाबाद और दूसरे चरण में दिल्ली, चेन्नई और हैदराबाद में मौजूद म्यूजियमों का जीर्णोद्धार करेगी।''

इतिहास में कई सेनानियों को नजरअंदाज किया गया
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाई-भाई को मारता रहा, हत्याएं होती रहीं; ये हमारा इतिहास नहीं है। ये किसी ने नहीं बताया कि तब हम क्या कर रहे थे। गुरुदेव लिखते हैं कि बाहर से आए इतिहासकारों ने उन लोगों के घरों को नहीं देखा, जो संकट का सामना कर रहे थे। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि इस देश की संस्कृति के मूल्यों को जीवित रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह बांग्ला भूमि की पवित्र महक को नमन करने का वक्त है। आसमान में भले ही एक चांद चमकता हो, लेकिन बंगाल ने दुनिया को अनेक चंद्र दिए हैं। सुभाष चंद्र, ईश्वर चंद्र और शरत चंद्र। हम सभी को स्वामी विवेकानंद जी की वो बात याद रखना चाहिए, जो उन्होंने मिशिगन यूनिवर्सिटी में कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी।

'बिप्लबी भारत' म्यूजियम की स्थापना की जाए
मोदी ने कहा-  एक म्यूजियम 'बिप्लबी भारत' जरूर स्थापित होना चाहिए। जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस, अरबिंदो घोष, रास बिहारी बोस, खुदीराम बोस, देशबंधु, बाघा जतिन, बिनॉय, बादल, दिनेश जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों को स्थान मिलना चाहिए। नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग भी पूरी हो रही है। 2022 में राजा राममोहन राय की 250वीं जयंती है। बेटियों और महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए उनके प्रयासों को आगे बढ़ाना जरूरी है।

कोलकाता में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम

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    नेताजी सुभाष ड्राई डॉक पर बनाए गए उन्नत जहाज मरम्मत केंद्र का उद्घाटन, कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के गीत की लॉन्चिंग
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