पांच चीतों से घिरे इम्पाला ने हार नहीं मानी, मौत को चकमा देकर छुड़ा ली जान

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पांच चीतों से घिरे इम्पाला ने हार नहीं मानी, मौत को चकमा देकर छुड़ा ली जान

केन्या /ntv time deepak tiwariपांच चीतों से घिरे इम्पाला ने हार नहीं मानी, मौत को चकमा देकर छुड़ा ली जान
नैरोबी.  केन्या के नैबाओशी कंजर्वेंसी में एक इम्पाला (अफ्रीकी चिंकारा) को पांच चीतों ने शिकार के लिए लिया। इम्पाला की गर्दन पर पहले मादा चीता ने हमला बोला। फिर उसके चार भूखे शावक भी आ गए। पांचों ने अपने तीखे दांतों और नुकीले पंजों से इस तरह घेराबंदी की कि इम्पाला का बचना लगभग असंभव हो गया। भूख और जिंदगी की जंग के बीच दोनों पक्ष काफी देर तक गुत्थमगुत्था होते रहे। इम्पाला ने हार नहीं मानी। वह जमीन पर गिरने से बचने के लिए लगातार कोशिश कर रहा था, जबकि चीते उसे गिराने की कोशिश करते रहे।
आखिर में जब माता चीता ने अपना जबड़ा ढीला किया,  इम्पाला ने फुर्ती दिखाते हुए लंबी छलांग लगाई और जान बचाने में कामयाब हो गया। इस घटनाक्रम को 53 साल के ब्रिटिश फोटोग्राफर केविन रूनी ने अपने कैमरे में कैद किया है।
मैंने अपने जीवन की सबसे बेहतर तस्वीरें लीं
इंग्लैंड के दक्षिण पश्चिम शहर ग्लौसेस्टरशायर के एक कस्बे चेल्टन के रहने वाले फोटोग्राफर रूनी एयरोनॉटिकल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। उन्होंने कहा, कंजर्वेंसी में हम अपने गाइड के साथ थे। हमारा सिक्स सेंस कह रहा था, जैसे कोई जानवर अभी हमला करने वाला हो। हम सबने अपनी-अपनी पोजीशन ले ली थी। इस तरह मैंने अपने जीवन की सबसे बेहतर तस्वीरें लीं।
ऐसे बच निकलते हैं इम्पाला
नेशनल जियोग्राफिक के मुताबिक, इम्पाला भागने में काफी तेज होते हैं, यह दौड़ने में चीते से थोड़े ही पीछे होते हैं, आमतौर पर चीता 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार कुछ ही सेकंड के लिए ले सकता है, जबकि इम्पाला 85 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार को चीते से अधिक देर तक बनाए रखने में सक्षम होता है।
इम्पाला 33 फीट तक की लंबी जंप और 10 फीट ऊंची जंप लगा सकते हैं। इसी की बदौलत ये शिकारियों से बच जाते हैं। ये चीते के मुकाबले अपनी दिशा भी तेजी से बदल सकते हैं।

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