नई दिल्ली। नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) ने इस वर्ष अप्रैल से शुरू हो रहे वित्त वर्ष में 7.5 फीसद सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर का अनुमान लगाया है। इसके साथ ही संस्था ने कहा कि मार्च में खत्म हो रहे चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी विकास दर 6.7 फीसद रह सकती है।

संस्था का यह अनुमान इस वर्ष के आर्थिक सर्वे के उन अनुमानों से मेल खाते हैं, जिनमें कहा गया था कि चालू वित्त वर्ष की 6.75 फीसद की अनुमानित जीडीपी विकास दर अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 7-7.5 फीसद पर पहुंच सकती है।

सोमवार को एनसीएईआर ने कहा, “संस्था वर्तमान बाजार दरों के आधार पर चालू वित्त वर्ष (2017-18) के लिए 6.7 फीसद और अगले वित्त वर्ष (2018-19) के लिए 7.5 फीसद जीडीपी विकास दर की उम्मीद कर रही है।”

संस्था ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान वास्तविक कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) एक फीसद, वास्तविक उद्योग जीवीए 5.2 फीसद जबकि वास्तविक सेवा जीवीए आठ फीसद रहने का अनुमान है। वहीं, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआइ) महंगाई 6.4 फीसद रहने का अनुमान जताया गया है।

जहां तक निर्यात और आयात विकास दर का सवाल है, तो एनसीएईआर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में डॉलर मूल्य के हिसाब से निर्यात विकास दर 12.8 फीसद, जबकि आयात विकास दर 24.8 फीसद रह सकती है।

इस बीच, मॉर्गन स्टेनले ने बीती दिसंबर तिमाही में देश की जीडीपी विकास दर सात फीसद रहने की उम्मीद जताई है। संस्था ने कहा कि उद्योग व सेवा क्षेत्रों की विकास दर में बढ़ोतरी, जबकि कृषि विकास दर में कमी का रुख है।