रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्री मेडिकल टेस्ट में धांधली के बाद अब मेडिकल कॉलेज भर्ती के नतीजे ने व्यापमं को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। मेडिकल कॉलेज में रिक्त टेक्नीशियन, असिस्टेंट टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन एवं रेडियोग्राफर पदों पर भर्ती के लिए ली गई परीक्षा के परिणाम देखकर अभ्यर्थी अचंभित रह गए। 150 अंकों की परीक्षा का रिजल्ट 100 अंकों में जारी किया गया। अभ्यर्थियों ने इसकी शिकायत की तो व्यापमं ने परिणाम ही रद कर दिए।

गौरतलब है कि नौ अक्टूबर और 16 नवंबर को व्यापमं ने पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के रिक्त पदों के लिए भर्ती परीक्षा ली थी। इसके परिणाम नौ जनवरी को जारी किए गए। परीक्षा में 100 प्रश्न पूछे गए थे और प्रत्येक प्रश्न डेढ़ अंक का था। इस तरह 150 अंक की परीक्षा का परिणाम भी 150 अंक में जारी किया जाना था, लेकिन मूल्यांकनकर्ता ने 100 अंक के आधार पर परिणाम जारी कर दिया।

जांच प्रक्रिया अब संदेह के घेरे में

व्यापमं की जांच प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ रही है। प्रत्येक परीक्षा ओएमआर शीट पर ली जाती है। परीक्षा और परीक्षार्थी का बार कोड भी जारी किया जाता है। इसका डाटा पहले से तैयार कर लिया जाता है। इन सब तैयारियों के बाद भी परिणाम में बड़ी गड़बड़ी व्यापम को संदेह के घेरे में डाल रही है।

 

शिकायत के बाद वेबसाइड से परिणाम हुए गायब

अभ्यर्थियों की शिकायत के बाद व्यापम ने गुपचुप तरीके से परिणाम रद कर दिए। साथ ही वेबसाइट में विज्ञापन जारी कर कहा गया है कि पुनः जांच कर जल्द ही परिणाम जारी किया जाएगा। सवाल उठता है कि आखिर इतनी बड़ी गड़बड़ी क्यों हुई। देश में सबसे बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मी की परीक्षा लेने वाला व्यापम आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे कर सकता है।

टीईटी के सर्टिफिकेट आज नहीं हुए जारी

व्यापमं पहले भी शिक्षक पात्रता परीक्षा अयोजित कर चुका है। इसके परिणाम घोषिद होने के बाद भी सर्टिफिकेट जारी नहीं किए गए हैं।

पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में रिक्त पदों के लिए आयोजित की गई परीक्षा के परिणाम में चूक हुई है। प्रति प्रश्न डेढ़ अंक के हिसाब से मूल्यांकन के बजाय एक अंक से कर दिया गया, जल्द ही पुनः परिणाम घोषित किया जाएगा।- डॉ. प्रदीप कुमार चौबे, नियंत्रक, व्यापम, रायपुर